सावन में अनोखी शिव साधना: रोज 15 बेलपत्र खाकर अनुष्ठान कर रहे अनोज सिंह

सावन माह में जहां भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, वहीं गोपालपुर के अनोज कुमार सिंह बेलपत्र को शिव प्रसाद मानकर ग्रहण कर रहे हैं। वह प्रतिदिन 15 बेलपत्र का सेवन कर अपनी अनोखी साधना पूरी कर रहे हैं।

Sawan Shiv Sadhana: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान जहां अधिकांश श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखकर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाते हैं, वहीं गोपालपुर पंचायत के चौहानडीह गांव निवासी अनोज कुमार सिंह अपनी अलग साधना के कारण चर्चा में हैं.

अनोज सिंह श्रावण मास शुरू होने के साथ ही प्रतिदिन बेलपत्र को भगवान शिव का प्रसाद मानकर ग्रहण कर रहे हैं. उनका यह अनुष्ठान पूरे सावन चलेगा और श्रावण पूर्णिमा के दिन पूरा होगा.

सुबह से शाम तक तीन बार करते हैं बेलपत्र ग्रहण

अनोज कुमार सिंह के अनुसार, वह सुबह, दोपहर और शाम तीनों समय पांच-पांच बेलपत्र ग्रहण करते हैं. इस तरह एक दिन में कुल 15 बेलपत्र वह प्रसाद के रूप में लेते हैं.

उनका कहना है कि यह उनके लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति आस्था और समर्पण का माध्यम है. वह बेलपत्र को भगवान शिव का प्रसाद मानकर ग्रहण करते हैं.

कई वर्षों से कर रहे हैं ऐसी साधना

अनोज सिंह बताते हैं कि वह पहली बार इस तरह का अनुष्ठान नहीं कर रहे हैं. पिछले कई वर्षों से सावन के दौरान इसी तरह साधना करते आ रहे हैं.

उनके लिए सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और मन को साधने का अवसर है. इसी आस्था के साथ वह पूरे श्रावण मास में अपनी दिनचर्या के अनुसार बेलपत्र ग्रहण कर अनुष्ठान जारी रखते हैं.

सावन में बेलपत्र का विशेष महत्व

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व माना जाता है. सावन में शिव मंदिरों में जलाभिषेक के साथ श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र अर्पित करते हैं.

ग्रामीण इलाकों में सावन के दौरान शिवभक्ति का अलग ही रंग देखने को मिलता है. मंदिरों में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच जलाभिषेक किया जाता है.

इसी धार्मिक माहौल के बीच अनोज सिंह की साधना गांव में लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

Sawan Shiv Sadhana: श्रावण पूर्णिमा को पूरा होगा अनुष्ठान

अनोज कुमार सिंह ने बताया कि उनका यह अनुष्ठान श्रावण पूर्णिमा के दिन पूरा होगा. तब तक वह अपनी निर्धारित साधना जारी रखेंगे.

उनका कहना है कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा ही उन्हें इस अनुष्ठान को पूरा करने की प्रेरणा देती है. उनके लिए बेलपत्र भगवान का प्रसाद है और इसी भावना के साथ वह इसे ग्रहण कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By गुलशन कश्यप

गुलशन कश्यप प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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