गिद्धौर रेलवे स्टेशन--- राजस्व लाखों रुपये प्रतिमाह, मूलभूत सुविधा नगण्य

गिद्धौर स्टेशन पर बुनियादी सुविधा बहाली कराने को लेकर जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हुए हैं.

बदहाली. शौचालय जर्जर, पेयजल के लिए भटकते हैं यात्रा गिद्धौर दानापुर रेल मंडल अंतर्गत किऊल-झाझा रेलखंड के मध्य स्थित गिद्धौर रेलवे स्टेशन की स्थिति इन दिनों बद-से-बदतर हो गयी है. स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. स्टेशन की बदहाल हालत से यात्री परेशान हैं. जबकि इस स्टेशन से विभाग को प्रतिमाह लाखों रुपये की आमदनी होती है इसके बावजूद भी रेल यात्रियों को इस स्टेशन पानी, शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है. गर्मी के मौसम में पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने से यात्रियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर ही भटकना पड़ता है. स्टेशन पर स्थित शौचालय की स्थिति तो अत्यंत जर्जर है. शौचालय की दीवारें क्षतिग्रस्त है, दरवाजा भी उखड़ा हुआ है. शौचालय में पानी की भी सुविधा नहीं है. स्टेशन पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं रहने से शाम होते ही यात्रियों को अंधेरे में ही ट्रेन चढ़ना-उतरना पड़ता है. सामाजिक कार्यकर्ता सुशांत साईं सुंदरम ने बताया कि गिद्धौर स्टेशन पर बुनियादी सुविधा बहाली कराने को लेकर जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हुए हैं. हमलोगों ने सोशल मीडिया सहित अन्य कई माध्यम से इसे लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व दानापुर रेल मंडल के डीआरएम का ध्यान आकृष्ट करवा कर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं बहाल करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि गिद्धौर रेलवे स्टेशन से रोजाना हजारों की तादाद में यात्री सफर करते हैं और लाखों रुपये राजस्व भी प्राप्त होता है बावजूद इस स्टेशन को लेकर विभाग उदासीन बना है.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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