झाझा के एक स्कूल के बच्चों ने दिखायी प्रतिभा : खुद बनाई राखी और हैंडमेड गिफ्ट; कलाई पर सजी प्रेम की डोर

झाझा पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन का त्योहार छात्रों की रचनात्मकता से और भी खास बन गया. बच्चों ने बाजार की राखियों की जगह अपने हाथों से बनी आकर्षक राखियां और उपहार तैयार किए. यह अनोखा उत्सव भाई-बहन के प्रेम और संस्कारों का प्रतीक बना.

शहर स्थित झाझा पब्लिक स्कूल में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधी, बल्कि अपनी रचनात्मक प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया. छात्राओं ने अपने हाथों से रंग-बिरंगी हैंडमेड राखियां तैयार कीं, जबकि छात्रों ने अपनी बहनों के लिए हैंडमेड गिफ्ट बनाकर प्रेम और स्नेह व्यक्त किया. इसके बाद विद्यालय परिसर में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधी.

बाजार की राखी नहीं, बच्चों की मेहनत से तैयार हुई प्रेम की डोर

रक्षाबंधन से पहले विद्यालय में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का इस्तेमाल करते हुए आकर्षक राखियां और उपहार तैयार किये. छात्राओं ने रंग-बिरंगे सामानों से खूबसूरत हैंडमेड राखियां बनायीं, जबकि छात्रों ने बहनों के लिए अपने हाथों से गिफ्ट तैयार किये.

बच्चों की इस पहल ने रक्षाबंधन के उत्सव को और खास बना दिया. खुद से तैयार की गयी राखी और गिफ्ट में बच्चों की मेहनत, स्नेह और भावनाएं साफ नजर आयीं.

कलाई पर राखी बंधी तो चेहरे पर खिली मुस्कान

हैंडमेड राखियां तैयार करने के बाद विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन समारोह आयोजित किया गया. छात्राओं ने अपने सहपाठी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखी जीवन की कामना की. छात्रों ने भी बहनों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी रक्षा का संकल्प लिया.

इस दौरान विद्यालय परिसर में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास, सम्मान और आपसी सहयोग का सुंदर वातावरण देखने को मिला. बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था.

त्योहार के साथ बच्चों को मिले संस्कार

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के धार्मिक और सामाजिक महत्व की जानकारी भी दी गयी. बच्चों को बताया गया कि यह त्योहार केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रेम, विश्वास, सुरक्षा, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है.

कार्यक्रम के जरिए बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें रचनात्मकता और सहयोग की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया.

निदेशक बोले- त्योहार के पीछे छिपे संदेश को समझें बच्चे

विद्यालय के निदेशक डॉ सुरेंद्र निराला ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते के साथ प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और सम्मान का पर्व है. विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने के साथ त्योहारों के पीछे छिपे मूल्यों और संदेशों को भी समझना चाहिए.

उन्होंने बच्चों की मेहनत, अनुशासन और उत्साह की विशेष रूप से प्रशंसा की.

रचनात्मकता के साथ दिखा भाईचारे का संदेश

विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया. पूरे विद्यालय परिसर में रक्षाबंधन पर खुशी, प्रेम और भाईचारे का माहौल बना रहा.

विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, सहयोग, आपसी प्रेम और भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा. हैंडमेड राखी और उपहार तैयार कर बच्चों ने यह संदेश भी दिया कि त्योहार की असली खुशी महंगे उपहारों में नहीं, बल्कि उसमें छिपी भावनाओं और अपनेपन में होती है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By ऋतांबर सिंह

ऋतांबर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. झाझा (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >