जमुई जिले के चकाई प्रखंड क्षेत्र में लगातार हुई झमाझम बारिश के बाद खेत-खलिहानों की रौनक लौट आई है. लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिलने से बड़ी राहत मिली है. किसान अब पूरे उत्साह के साथ धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं. कहीं पारंपरिक तरीके से बैलों के सहारे जुताई हो रही है, तो कहीं आधुनिक ट्रैक्टरों से खेत तैयार कर रोपाई का काम तेजी से किया जा रहा है.
पारंपरिक व आधुनिक तरीकों से खेत तैयार कर रहे किसान
बारिश के बाद चकाई क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कृषि गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं:
- पारंपरिक खेती की सुंदर तस्वीर: कियाजोरी पंचायत के मालदहडीह गांव के युवा किसान शशिकांत कुमार आज भी अपनी परंपरा को सहेजे हुए हैं. वे बैलों के सहारे खेतों की जुताई कर धान की रोपाई के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं. शशिकांत ने बताया कि समय पर हुई बारिश से खेती के लिए बेहद अनुकूल माहौल बन गया है, जिससे इस बार बंपर पैदावार की आस जगी है.
- ट्रैक्टर से जुताई: वहीं, किसान दिलीप कुमार राय ट्रैक्टर के माध्यम से तेजी से अपने खेतों की जुताई करवा रहे हैं.
बारिश ने सूखी उम्मीदों में भरी नई जान
स्थानीय किसानों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक बारिश न होने के कारण खेत सूखे पड़े थे और फसल को लेकर चिंता सताने लगी थी:
किसान दिलीप राय का कहना: "पिछले कुछ दिनों से हुई अच्छी बारिश ने हम किसानों को संजीवनी दी है. खेतों में अब पर्याप्त पानी जमा हो गया है. अगर आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह मेहरबान रहा, तो इस साल धान की फसल बहुत अच्छी होगी."
चकाई प्रखंड के अन्य इलाकों में भी किसान तड़के ही खेतों में उतर रहे हैं. चारों तरफ हरियाली और रोपाई के काम से ग्रामीण इलाकों में उत्सवी माहौल बना हुआ है.
