Jamui News: जमुई: चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं और पुलिस की कार्यशैली को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब आठवें दिन भी जारी रहा. सोमवार को कचहरी चौक स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में सहरसा के विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आइपी गुप्ता पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठायी.
धरनार्थियों की मुख्य मांग चंद्रमंडीह थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार को निलंबित करने और थाना क्षेत्र में सामने आयी आपराधिक घटनाओं तथा पुलिस की कार्यशैली की जांच कराने की है. आंदोलनकारी आरोप लगा रहे हैं कि क्षेत्र में अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.
आठ दिन से जारी है अनिश्चितकालीन धरना
भाकपा माले और आदिवासी संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में यह अनिश्चितकालीन धरना पिछले आठ दिनों से चल रहा है. आंदोलन की शुरुआत चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र में सामने आयी विभिन्न घटनाओं की जांच और थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर हुई थी. पिछले दिनों धरनार्थियों ने प्रतिरोध मार्च भी निकाला था और प्रशासन से बातचीत तथा कार्रवाई की मांग की थी.
रविवार को आंदोलनकारियों ने सोमवार से आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी थी. इसके बाद सोमवार को सहरसा विधायक आइपी गुप्ता के धरना स्थल पर पहुंचने से आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला.
विधायक ने कहा, मामले की उच्चस्तरीय जांच हो
धरना स्थल पर पहुंचे आइपी गुप्ता ने चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने और थाना प्रभारी गजेंद्र कुमार के निलंबन की मांग का समर्थन किया.
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि जिन आरोपों को लेकर थाना प्रभारी के खिलाफ आंदोलन चल रहा है, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. विधायक ने पुलिस की कार्यशैली की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की.
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए वह इस मामले को आगामी विधानसभा सत्र में उठायेंगे. साथ ही मुख्यमंत्री को भी पूरे मामले से अवगत कराने की बात कही.
यह राजनीतिक प्रतिनिधि का बयान है. थाना प्रभारी पर लगाये गये आरोपों या पुलिस की कार्यशैली को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और पुलिस का पक्ष महत्वपूर्ण होगा.
किन घटनाओं को लेकर उठ रहे सवाल
धरना शुरू होने के बाद सामने आयी रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों ने चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र की अलग-अलग घटनाओं का उल्लेख किया है. इनमें ठाड़ी पंचायत के बाराटांड़ में प्रसादी नैया की मौत के बाद उनके घर के दरवाजे के सामने शव दफन किये जाने का आरोप, बसबुटिया मौजा में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने की घटना और गोरियाटिला में सोलर प्लेट चोरी का मामला शामिल है. आंदोलनकारियों ने इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन घटनाओं में कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है. उनका आरोप है कि पुलिस प्रशासन को इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए.
हालांकि, इन घटनाओं और थाना प्रभारी पर लगाये गये संरक्षण के आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता. मामले में आधिकारिक पुलिस जांच और कार्रवाई की स्थिति ही अंतिम तथ्य स्पष्ट करेगी.
स्थानीय लोगों की चिंता कानून-व्यवस्था को लेकर
आंदोलन का एक बड़ा पहलू स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल हैं. धरनार्थियों का कहना है कि लगातार घटनाओं की चर्चा के बीच आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.
ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. बाजार, कामकाज, आवागमन और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ सकती है. इसी वजह से आंदोलनकारी केवल किसी एक घटना की कार्रवाई के बजाय पूरे थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली की जांच की मांग कर रहे हैं.
पिछले दिनों धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से वार्ता नहीं होने का भी मुद्दा उठाया था. अब विधायक के समर्थन के बाद प्रशासन की ओर से बातचीत या किसी जांच संबंधी कदम पर नजर रहेगी.
