किरायेदार रखने से पहले पुलिस सत्यापन अनिवार्य

यदि आप अपने मकान किसी को किराये पर दे रहे हैं, तो किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है.

जमुई . यदि आप अपने मकान किसी को किराये पर दे रहे हैं, तो किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है. बिना सूचना दिये किरायेदार रखने पर गृहस्वामी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है. इसे लेकर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि किरायेदार का एड्रेस वेरिफिकेशन न कराने पर मकान मालिक भी कानूनी दायरे में आ सकते हैं. उन्होंने बताया कि किरायेदार रखने से पहले गृहस्वामी को उसका फोटोयुक्त पहचान पत्र, आधार कार्ड व अन्य आवश्यक दस्तावेज लेकर उसकी पूरी जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य है. बिना सूचना दिये किरायेदार रखना गैरकानूनी है. यदि किरायेदार किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे संरक्षण देने के आरोप में मकान मालिक पर भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 188 सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है. उन्होंने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि कुछ गृहस्वामी चंद रुपयों के लालच में न तो किरायेदार का सत्यापन कराते हैं और न ही पुलिस को सूचना देते हैं. ऐसे में किसी अपराधी को किरायेदार बनाना मकान मालिक की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है. पुलिस द्वारा किराएदार सत्यापन के लिए एक निर्धारित फॉर्मेट है. इसमें किरायेदार का नाम, व्यवसाय, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्यों का विवरण, स्थायी पता तथा पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या राशन कार्ड) की छायाप्रति जमा करना अनिवार्य है.

सत्यापन क्यों है जरूरी

पुलिस वेरिफिकेशन से किरायेदार की वास्तविक पहचान व पृष्ठभूमि की पुष्टि होती है. साथ ही, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच से गृहस्वामी और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है. सत्यापन होने से किरायेदार गलत गतिविधियों से बचते हैं. फर्जी पहचान और जाली कागजात की समय रहते जांच संभव होती है. अपने मकान को किरायेदार रखने से पहले उसकी पहचान, आधार कार्ड व जीवनशैली की जानकारी अवश्य लें तथा स्थानीय थाना को इसकी सूचना दें. ऐसा नहीं करने पर यदि कोई आपराधिक घटना होती है, तो मकान मालिक के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.

विश्वजीत दयाल, पुलिस अधीक्षक, जमुई

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लेखक के बारे में

By Pankaj kumar singh

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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