Jamui Blind Walk: जमुई. दधीचि देहदान समिति के बैनर तले सोमवार को शहर में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'ब्लाइंड वाक' का आयोजन किया गया. इस अनोखी रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर समाज को मानव सेवा और अंगदान के महत्व का संदेश दिया.
केंद्रीय पुस्तकालय से निकली जागरूकता रैली
ब्लाइंड वाक की शुरुआत शहर के केंद्रीय पुस्तकालय से हुई. रैली जयहिंद धर्मशाला, यूको बैंक चौक होते हुए कचहरी चौक स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची, जहां इसका समापन एक जागरूकता सभा के साथ हुआ. पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने बैनर और पोस्टर के माध्यम से लोगों को नेत्रदान, अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित किया.
कॉर्निया अंधत्व मुक्त बिहार बनाने का संकल्प
समिति के अध्यक्ष प्रदीप केशरी ने कहा कि ब्लाइंड वाक का मुख्य उद्देश्य बिहार सहित जमुई जिले को कॉर्निया अंधत्व मुक्त बनाने की दिशा में लोगों को जागरूक करना है. उन्होंने बताया कि पूरे बिहार में एक साथ इस तरह का अभियान चलाया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लेकर जरूरतमंदों की जिंदगी में उजाला ला सकें.
अंगदान और देहदान का बताया महत्व
समिति के सचिव दिलीप साह ने कहा कि नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को नई रोशनी दे सकता है, जबकि अंगदान कई गंभीर मरीजों के लिए जीवनदान साबित होता है. उन्होंने बताया कि देहदान मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन, शोध और प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी होता है और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
मानव सेवा के लिए आगे आने की अपील
Jamui Blind Walk: कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नेत्रदान, अंगदान और देहदान के लिए आगे आने का आह्वान किया. उपस्थित लोगों ने भी मानव सेवा के इस अभियान को सफल बनाने और समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया.
