50000 का इनामी कुख्यात अपराधी चंदन पासवान गिरफ्तार, बिहार से झारखंड तक फैला था आतंक

Jamui News: पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पचास हजार रुपये का इनामी और लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात अपराधी चंदन पासवान आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. जमुई पुलिस अधीक्षक एमके आनंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर की गई.

Jamui News: जमुई पुलिस को सूचना मिली थी कि नालंदा के बेलसर निवासी चंदन पासवान (पिता कृष्णा पासवान) जमुई-मलयपुर सीमा क्षेत्र में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है. सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. 3 मई की रात लगभग 11:00 बजे जमुई-लखीसराय बॉर्डर के एक मोड़ से उसे गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान चंदन पासवान के पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन मिला.

पुलिस ने क्या बताया

पुलिस ने बताया कि चंदन पासवान एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन करता था, जो रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों को वाहन में बैठाकर सुनसान स्थानों पर ले जाकर लूटपाट करता था. लूट के बाद वह यात्रियों को वहीं छोड़ कर फरार हो जाता था.

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अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा

चंदन पासवान के खिलाफ जमुई, नालंदा और झारखंड के विभिन्न थानों में कई संगीन अपराध दर्ज हैं. जमुई जिले के मलयपुर, सिकंदरा, सोनो और जमुई थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज हैं. इन मामलों में लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट और संगठित आपराधिक गतिविधियों की गंभीर धाराएं शामिल हैं. झारखंड के भी कुछ जिलों में उसके खिलाफ लूट और छिनतई के मामले दर्ज हैं.

पुलिस अधीक्षक एमके आनंद ने बताया कि चंदन पासवान की गिरफ्तारी से क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी. उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अभियान और भी तेज किया जाएगा ताकि शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके. फिलहाल पुलिस चंदन पासवान से पूछताछ कर रही है और उसके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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