गिद्धौर. मौरा–निजुआरा बालू घाट पर मानक के विपरीत हो रहे बालू उत्खनन को लेकर मंगलवार को मौरा गांव के दर्जनों किसान एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की. ग्रामीण किसान सह मौरा पंचायत के सरपंच अवधेश सिंह एवं पूर्व पंचायत समिति सदस्य सरयुग प्रसाद यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि बालू संवेदक द्वारा मनमाने तरीके से खनन किए जाने से गांव के सैकड़ों किसानों की आजीविका खतरे में है. किसानों ने बैठक कर निर्णय लिया कि प्रशासन द्वारा गठित किसी भी निगरानी समिति में ग्रामीण किसानों की सहभागिता से नामों का चयन किया जायेगा. यदि बिचौलियों के माध्यम से किसी प्रकार की सूची प्रशासन को सौंपी जाती है तो उसे अवैध माना जायेगा. मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कुमार सिंह उर्फ शैलेश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की, तो किसान उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. इस अवसर पर किसान अनिल रावत, सुरेंद्र पासवान, रामअवध रावत, रामस्वरूप रावत, निरंजन रावत, गिरिश पासवान, पंकज कुमार सिंह, बिपुल कुमार सिंह, रमेश पासवान, विक्रम यादव, अजय सिंह, रिकेश दुबे, रंजय रावत सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे.
मानक के विपरीत बालू उत्खनन से आक्रोशित मौरा के किसान, बड़े आंदोलन की चेतावनी
मौरा–निजुआरा बालू घाट पर मानक के विपरीत हो रहे बालू उत्खनन को लेकर मंगलवार को मौरा गांव के दर्जनों किसान एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में न्यायोचित हस्तक्षेप की मांग की.
