Jamui crime news: बिहार के जमुई जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां सोमवार की शाम एक खौफनाक वारदात से पूरा इलाका सहम उठा. जब शाम के धुंधलके में लोग अपने-अपने घरों की ओर लौट रहे थे, तभी एक जोरदार धमाके की गूंज ने पूरे गांव की शांति को पल भर में चीर दिया. घात लगाकर बैठे बेखौफ अपराधियों ने 60 वर्षीय बुजुर्ग अजय पांडेय को अपना निशाना बनाया और उनकी पीठ पर सीधा बम से हमला कर दिया. इस दुस्साहसिक वारदात ने न केवल एक परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दिया है, बल्कि इलाके में पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मुसहरी के पास खड़े थे अजय पांडेय, पीठ पर अचानक फटा बम
जमुई जिले के सिकंदरा अंतर्गत लछुआड़ थाना क्षेत्र के हरिहरपुर गांव में सोमवार की शाम आम दिनों की तरह ही ढल रही थी. गांव के 60 वर्षीय बुजुर्ग अजय पांडेय हरिहरपुर मुसहरी के समीप खड़े थे. वे इस बात से पूरी तरह बेखबर थे कि मौत बेहद करीब छिपी बैठी है. इसी बीच झाड़ियों और अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए अपराधियों ने अचानक उनके ऊपर बम फेंक दिया. बम सीधे अजय पांडेय की पीठ पर जाकर फटा और तेज धमाके के साथ वे खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े. धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग और परिजन बदहवास हालत में मौके पर दौड़े. गंभीर रूप से जख्मी अजय पांडेय को आनन-फानन में इलाज के लिए जमुई ले जाया जाने लगा, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. बुजुर्ग की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और वे रोते-बिलखते शव को वापस गांव ले आए.
जुलाई 2024 के मर्डर से जुड़े तार, पुरानी रंजिश में हुआ खूनी खेल
इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की वजह जब सामने आई, तो गांव में पसरा तनाव और गहरा गया. सूत्रों के अनुसार इस हत्या के तार करीब दो महीने पहले यानी जुलाई 2024 में हरिहरपुर गांव में ही हुई एक अन्य हत्या से जुड़े हुए हैं. बताया जा रहा है कि जुलाई में हुई उस वारदात के बाद से ही दो पक्षों के बीच रंजिश और बदले की आग सुलग रही थी. इसी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए अपराधियों ने सोमवार की शाम मौका पाकर अजय पांडेय की जान ले ली. हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों और वारदात में शामिल अपराधियों की सटीक पहचान विस्तृत जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
महज 3 किमी दूर थी पुलिस, डेढ़ घंटे बाद पहुंचने पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
घटना के बाद से हरिहरपुर गांव में जबरदस्त आक्रोश और तनाव का माहौल व्याप्त है. ग्रामीणों का सबसे बड़ा गुस्सा स्थानीय पुलिस की सुस्ती और संवेदनहीनता को लेकर है. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि घटना के तुरंत बाद लछुआड़ थाना पुलिस को सूचना दे दी गई थी. थाना क्षेत्र से घटनास्थल की दूरी महज तीन किलोमीटर है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का लंबा समय लग गया. अगर पुलिस समय रहते तत्परता दिखाती, तो शायद भाग रहे अपराधियों की घेराबंदी संभव हो पाती. पुलिस की इस लेट-लतीफी ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया और मौके पर भारी नाराजगी देखने को मिली.
Jamui crime news: गांव में फैला दहशत का माहौल, पुलिस कर रही छापेमारी
अजय पांडेय की दर्दनाक मौत के बाद हरिहरपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खौफ और सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग अपने ही गांव में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोग अब दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. उधर, घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची लछुआड़ थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की छानबीन में जुटी हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
