जमुई. बीमा क्षेत्र में सौ प्रतिशत एफडीआइ, बीमा कानून संशोधन विधेयक 2024 और ठेका प्रथा के विरोध में आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लाइज एसोसिएशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को एलआइसी की जमुई शाखा के कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे संघ के मंडल अध्यक्ष कामरेड अमित कुमार, बेस सचिव कामरेड सुरज अरोड़ा ने बताया कि यह कार्यक्रम बेगूसराय मंडल के बीमा कर्मचारी संघ के बैनर तले शाखा कार्यालय के मुख्य द्वार पर आयोजित किया गया. प्रदर्शन के दौरान सबसे पहले कर्मचारियों ने शाखा के मुख्य द्वार को बंद कर कामकाज का बहिष्कार किया, जिससे दिन भर कार्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप रहा. अध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि यह आंदोलन सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और बीमा क्षेत्र में हो रहे निजीकरण के खिलाफ है. उन्होंने बताया कि पूरे देश में बीमा कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं. बीमा क्षेत्र में सौ प्रतिशत एफडीआइ, बीमा कानून संशोधन विधेयक 2024 और ठेका प्रथा का वे विरोध कर रहे हैं. उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र को सशक्त बनाने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, नयी श्रम संहिता की वापसी, वर्ग तीन व चार में नियमित बहाली और एआइआइइए को शीघ्र मान्यता देने की मांग को दोहराया. बेस सचिव सुरज अरोड़ा ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र का निजीकरण और एलआईसी में विनिवेश सामाजिक सुरक्षा तंत्र को कमजोर करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है, जो जनहित के विरुद्ध है. धरना और कार्य बहिष्कार के कारण शाखा कार्यालय का कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा. दूर-दराज से आये उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रदर्शन में शामिल थे कई कर्मी
धरने में बीमा कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष शिवशंकर चंद्रवंशी, रोकड़िया ललन कुमार, कामरेड कंचन कुमारी, माधव शरणम्, विपीन विजेता, बीरेंद्र कुमार सिंह, संगम कुमार, अनुराग श्री, संतोष मुर्मू, अंकित कुमार सिंह, संतोष कुमार सहित सभी कर्मचारी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
