शिविर में बच्चों के अधिकारों की दी गयी जानकारी

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को खैरा प्रखंड अंतर्गत हरनी पंचायत में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया.

जमुई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को खैरा प्रखंड अंतर्गत हरनी पंचायत में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में ग्रामीणों को कानून संबंधी विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता अंजनी कुमार एवं पारा विधिक सेवक दिलीप कुमार द्वारा किया गया. इस दौरान जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन) एक्ट 2000 की धारा 63 के तहत बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया और उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया गया. पैनल अधिवक्ता ने बताया कि गोद लिये गये बच्चों को जैविक संतान के समान अधिकार प्राप्त होते हैं, जिसमें संपत्ति का अधिकार भी शामिल है. गोद लेने से पहले संबंधित समिति दंपति की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन करती है, इसके बाद ही बच्चे को गोद दिया जाता है. उन्होंने बताया कि किशोर अपराध से जुड़े मामलों के लिए स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट का प्रावधान है, जो प्रत्येक जिले और थाने में कार्यरत रहती है. यह यूनिट विशेष रूप से प्रशिक्षित होती है और किशोरों से जुड़े मामलों की देखरेख करती है. इसके अलावा विधि विरुद्ध किशोरों को निःशुल्क विधिक सेवा उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई. बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता ऐसे मामलों में निःशुल्क सहायता प्रदान करते हैं, जिससे जरूरतमंद परिवार न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग प्राप्त कर सकें. शिविर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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