जमुई से अर्जुन अरनव की रिपोर्ट
Legal Awareness Camp : युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में जमुई के मोहनपुर पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण पहल की गई. जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और सामाजिक जीवन भी बर्बाद कर देता है. कार्यक्रम में DAWN योजना के तहत नशा पीड़ितों को मिलने वाली कानूनी सहायता, उपचार और पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी गई.
DAWN योजना के उद्देश्य बताए गए
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रेरणा परिवर्तन राकेश राज एवं पारा विधिक स्वयंसेवक (PLV) अविनाश कुमार पांडेय ने किया. शिविर में उपस्थित लोगों को बताया गया कि DAWN योजना का उद्देश्य नशीले पदार्थों और दवाओं के दुरुपयोग को रोकना, प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है.
युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर चिंता
पैनल अधिवक्ता ने कहा कि वर्तमान समय में नशीले पदार्थों का सेवन विशेष रूप से युवाओं, छात्रों और बाल श्रमिकों के बीच तेजी से बढ़ रहा है. तनाव, बेरोजगारी, बुरी संगति और सामाजिक दबाव के कारण कई लोग नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं. उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर गंभीर प्रभाव डालती है.
मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता
शिविर में बताया गया कि एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को नालसा की DAWN योजना के तहत निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है. जरूरतमंद लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमुई कार्यालय या नालसा के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
लोक अदालत और मध्यस्थता की भी दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता प्रक्रिया और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान की जानकारी भी दी गई. लोगों को न्याय प्राप्त करने के वैकल्पिक और सरल उपायों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया.
ग्रामीणों ने दिखाई सक्रिय भागीदारी
शिविर में मोहनपुर पंचायत के सरपंच सुखदेव टुडू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति, कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं.
