जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र अंतर्गत धोबियाकुरा गांव में रविवार देर शाम जमीन और रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई. देखते ही देखते दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें महिलाओं सहित डेढ़ दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उग्र माहौल को शांत कराते हुए सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय रेफरल अस्पताल पहुंचाया.
घायलों का रेफरल अस्पताल में कराया गया उपचार
घटना के बाद डायल 112 और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल झाझा रेफरल अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. कुमार राज ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं. घायलों में एक पक्ष के धनेश्वर मंडल, राकेश कुमार, बबली देवी, रोहणी देवी और देवकी देवी शामिल हैं. वहीं दूसरे पक्ष से गुरुदयाल मंडल, युगल मंडल, सचिन कुमार, सुजीत कुमार, गुलशन कुमार, अजित कुमार, दुलारी देवी, खिरिया देवी, सुनीता देवी और मूंगिया देवी गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं.
12 कट्ठा जमीन पर कब्जे का आरोप
घटना को लेकर प्रथम पक्ष के धनेश्वर मंडल ने दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनकी पुश्तैनी 12 कट्ठा जमीन पर जबरन अवैध कब्जा कर रखा है. धनेश्वर मंडल के अनुसार जब वे और उनके परिवार के सदस्य इस जमीन के संबंध में बातचीत करने गए, तो दूसरे पक्ष के करीब एक दर्जन लोगों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से लैस होकर उन पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उनके परिवार के कई लोग लहूलुहान हो गए.
दूसरे पक्ष ने लगाया शराब कारोबार और रास्ते का आरोप
वहीं दूसरी तरफ दूसरे पक्ष के युगल मंडल ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अलग ही दावा पेश किया है. उनका आरोप है कि धनेश्वर मंडल और उनका पुत्र राकेश कुमार गांव में अवैध रूप से शराब बेचने का कार्य करते हैं. युगल मंडल के अनुसार करीब 10 दिन पूर्व उनके घर की ओर जाने वाले रास्ते पर शराब की खरीद-बिक्री का विरोध किया गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि राकेश पूर्व में भी इस मामले में पकड़ा गया था और हाल ही में जेल से छूटकर आया है, जिसके बाद से ही इलाके में तनाव और विवाद बढ़ गया था.
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
धोबियाकुरा गांव में हुई इस हिंसक झड़प के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है. झाझा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है. थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित तहरीर नहीं दी गई है. पुलिस अपने स्तर से दोनों पक्षों के दावों की सत्यता और पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है, जिसके आधार पर आगे की विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
