सिकंदरा थाना क्षेत्र के बाराबाद गांव निवासी केदार तांती की जिंदगी में मुश्किलें लगातार दस्तक देती रहीं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी. वर्ष 2003 में काम के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से उन्हें अपना दायां हाथ गंवाना पड़ा. इसके बाद भी एक हाथ के सहारे मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते रहे. कुछ वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में पैर फ्रैक्चर होने के बाद उनकी परेशानी और बढ़ गयी. आर्थिक तंगी के कारण पैर का समुचित इलाज नहीं हो सका. अब पत्नी के घर से चले जाने के बाद बच्चों की जिम्मेदारी भी अकेले उनके कंधों पर आ गयी है.
बचपन से मजदूरी कर परिवार का सहारा बने केदार
केदार तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने बचपन से ही मजदूरी शुरू कर दी थी. वह चिमनी भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों तक खाना पहुंचाने का काम भी करते थे. वर्ष 2003 में काम के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से उनका दायां हाथ गंभीर रूप से झुलस गया. इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनका हाथ काटना पड़ा.
एक हाथ के सहारे फिर शुरू कर दी मेहनत
हाथ गंवाने के बाद भी केदार ने जिंदगी से हार नहीं मानी. उन्होंने एक हाथ के सहारे फिर से मेहनत-मजदूरी शुरू कर दी और परिवार की जरूरतें पूरी करते रहे. उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा.
शादी के बाद बढ़ी परिवार की जिम्मेदारी
करीब वर्ष 2015 में केदार के पिता करू तांती ने उनकी शादी गिद्धौर थाना क्षेत्र के मोहलीगढ़ निवासी अनीता देवी से करायी. शादी के बाद दोनों के दो बेटियां और एक बेटा हुआ. केदार के अनुसार, कुछ समय तक परिवार का जीवन सामान्य तरीके से चलता रहा. वह पत्नी और बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए लगातार काम करते रहे.
सड़क हादसे में पैर टूटा, आर्थिक तंगी बनी बड़ी बाधा
इसी दौरान केदार सड़क दुर्घटना में घायल हो गये और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया. आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण पैर का बेहतर इलाज नहीं हो सका. केदार के मुताबिक, करीब पांच वर्षों से पैर की समस्या बनी हुई है. इलाज के लिए पटना एम्स समेत कई अस्पतालों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक पूरी तरह राहत नहीं मिली.
पत्नी पर युवक के साथ जाने का केदार ने लगाया आरोप
केदार का आरोप है कि उनकी पत्नी अनीता देवी का लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले आशीष नामक युवक से संपर्क हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गये. केदार के अनुसार, जानकारी मिलने पर उन्होंने पत्नी को समझाने का प्रयास किया था. इस दौरान आशीष से उनका विवाद भी हुआ. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
26 अगस्त को छोटी बेटी के साथ निकलीं, फिर नहीं लौटीं
केदार के अनुसार, रक्षाबंधन से एक दिन पहले 26 अगस्त को उनकी पत्नी छोटी बेटी के साथ राखी खरीदने के लिए घर से निकली थीं. इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटीं. काफी खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चल सका. केदार को आशंका है कि आशीष नामक युवक उनकी पत्नी और छोटी बेटी को अपने साथ ले गया है.
मां के लौटने का इंतजार कर रहे दोनों बच्चे
पत्नी के साथ छोटी बेटी के चले जाने के बाद बेटा और दूसरी बेटी घर पर रह गये हैं. केदार बताते हैं कि दोनों बच्चे अपनी मां को याद करते हैं और बार-बार पूछते हैं कि मम्मी कब घर आएगी. बच्चों के सवाल और उनका भविष्य अब केदार की सबसे बड़ी चिंता बन गया है.
राशन दुकान चलाकर किसी तरह चला रहे परिवार
एक हाथ गंवाने और पैर की गंभीर समस्या के बावजूद केदार पिछले कुछ वर्षों से गांव में राशन की दुकान चलाकर परिवार का खर्च चला रहे हैं. सीमित आमदनी और शारीरिक परेशानी के बीच बच्चों की जरूरतें पूरी करना उनके लिए लगातार चुनौती बना हुआ है.
पत्नी और बेटी की तलाश में एसपी कार्यालय पहुंचे
पत्नी और छोटी बेटी की तलाश तथा मदद की उम्मीद लेकर केदार जमुई स्थित एसपी कार्यालय भी पहुंचे. हालांकि, उनकी एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी और उन्हें वापस लौटना पड़ा. केदार कहते हैं कि पत्नी लौटती हैं तो ठीक है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता छोटी बेटी और घर पर रह रहे दोनों बच्चों की है.
मुश्किलों के बीच बच्चों के भविष्य की चिंता
एक हाथ और घायल पैर के सहारे जिंदगी आगे बढ़ा रहे केदार अब बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं. वर्षों से बीमारी, आर्थिक तंगी और पारिवारिक परेशानियों से जूझने के बाद पत्नी और बेटी के लापता होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. वह पत्नी और बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने के लिए संघर्ष जारी रखे हुए हैं.
