17 माह पहले मिली थी ट्रेनों के ठहराव की मंजूरी, अब तक नहीं चली व्यवस्था : कटौना हॉल्ट पर धरना

कटौना हॉल्ट पर ट्रेनों का ठहराव फिर से शुरू कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा ने धरना दिया. 17 महीने बीत जाने के बाद भी पूर्ववत ठहराव शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में रेलवे के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है. ग्रामीण तत्काल व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं.

जमुई : किउल-जसीडीह रेलखंड के कटौना हॉल्ट पर पूर्व की तरह ट्रेनों का ठहराव शुरू कराने की मांग को लेकर रविवार को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के बैनर तले एक दिवसीय धरना दिया गया. धरने की अध्यक्षता मोर्चा के जिलाध्यक्ष चंद्रचूड़ सिंह ने की. इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे.

स्वीकृति के बाद भी ठहराव शुरू नहीं होने का आरोप

धरना दे रहे लोगों ने कहा कि 9 जनवरी 2025 को कटौना हॉल्ट पर ट्रेनों के पुनः ठहराव की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन करीब 17 महीने बीत जाने के बाद भी पूर्व की तरह ठहराव शुरू नहीं किया गया है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों में रेलवे के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.

वक्ताओं ने कहा कि कटौना हॉल्ट आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है. ट्रेनों का ठहराव बंद होने से नौकरी, व्यवसाय, इलाज और पढ़ाई के लिए प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है.

पांच साल से आंदोलन का दावा

धरने को संबोधित करते हुए चंद्रचूड़ सिंह ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से धरना और अनशन किया जा रहा है, लेकिन अब तक लोकल ट्रेनों का ठहराव बहाल नहीं हुआ है.

उन्होंने कहा कि कटौना हॉल्ट से जुड़ी जनता की मांग की लगातार अनदेखी से लोगों में निराशा और आक्रोश है. उन्होंने बड़हिया स्टेशन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की मांगों को रेलवे ने स्वीकार किया, जबकि कटौना हॉल्ट के मामले में स्वीकृति के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है.

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय से कटौना हॉल्ट की समस्या का जल्द समाधान करने और पूर्व की तरह ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की मांग की.

संगठन के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं की गयी तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा.

धरना में राजेश कुमार दुबे, अरुण साह, त्रिलोकी साह, भाषो कुमार यादव, समरेश साह, विक्रम पांडे, विशाल वर्मा और सन्नी कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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By Prabhat khabar news desk

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