जमुई जिले के चकाई प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सरौन से कांवरियों की एक बड़ी टोली बाबा बैद्यनाथ धाम में जलार्पण के लिए पूरे उत्साह के साथ रवाना हुई. यात्रा की शुरुआत के साथ ही पूरा सरौन क्षेत्र भगवान भोलेनाथ के जयकारों और भक्तिमय माहौल में डूब गया. श्रद्धालुओं की यह टोली पूरी आस्था के साथ सुल्तानगंज से जल उठाकर देवघर की पैदल यात्रा तय करेगी.
सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर की होगी पैदल यात्रा
सरौन से रवाना होने के बाद कांवरियों का यह जत्था सबसे पहले सुल्तानगंज पहुंचेगा. निर्धारित योजना के अनुसार, सभी श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरेंगे. गंगाजल भरने के बाद कांवर लेकर यह टोली देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अपनी कठिन पैदल यात्रा शुरू करेगी. देवघर पहुंचने के बाद सभी कांवरियों द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा. बैद्यनाथ धाम में मुख्य जलार्पण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद श्रद्धालुओं का यह जत्था बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगा, जहां विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की जाएगी.
सुख-समृद्धि की कामना को लेकर यात्रा में भारी उत्साह
कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर युवाओं में अपार उत्साह देखा गया. रवानगी के समय 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के निरंतर जयघोष से पूरा सरौन इलाका भक्तिमय हो गया. टोली में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि वे सुल्तानगंज से देवघर तक की यह लंबी पैदल यात्रा पूरी श्रद्धा, निष्ठा और आस्था के साथ तय करेंगे. इस कठिन यात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाजिरी लगाना और अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज की सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना करना है. कांवरियों के प्रस्थान के समय स्थानीय लोगों ने भी जयकारे लगाकर उनका उत्साहवर्धन किया.
टोली में शामिल हैं सैकड़ों शिवभक्त
देवघर प्रस्थान करने वाली इस कांवरिया टोली में युवाओं की बड़ी भागीदारी है. सैकड़ों की संख्या में निकले इस जत्थे में मुख्य रूप से सुमित चौधरी, मुरारी चौधरी, बबलू चौधरी, राकेश चौधरी, वीरांची चौधरी और आनंद चौधरी शामिल हैं. इनके साथ ही दिवाकर, संदीप राय, मनजीत राय, नितेश कुमार, पवन चौधरी और नागेंद्र चौधरी सहित अन्य कई श्रद्धालु भी इस पवित्र यात्रा के लिए रवाना हुए हैं.
