जमुई का नाम ‘जमुई जी’ करने की मांग, एयरपोर्ट और शीतगृह समेत कई प्रस्ताव

जमुई का नाम बदलकर 'जमुई जी' करने की मांग ने लोगों का ध्यान खींचा है. राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में जिले के विकास, पर्यटन, रोजगार और किसानों की समस्याओं पर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए.

Jamui News: जमुई का नाम बदलकर ‘जमुई जी’ करने की मांग उठी है. शनिवार को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में जिले के विकास, पर्यटन, रोजगार, किसानों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किये गये. बैठक में भगवान महावीर की जननी के रूप में प्रसिद्ध जमुई की पहचान को देश-विदेश तक पहुंचाने और जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई.

बैठक में सदस्यों ने कहा कि जिले के लछुआड़ स्थित जैन तीर्थस्थल पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. ऐसे में जमुई को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में पहल की जानी चाहिए.

लेकिन बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा जिस प्रस्ताव की रही, वह जमुई का नाम बदलकर ‘जमुई जी’ करने की मांग है.

क्यों उठी जमुई का नाम ‘जमुई जी’ करने की मांग?

राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक में सदस्यों ने जमुई का नाम बदलकर ‘जमुई जी’ किये जाने का प्रस्ताव रखा.

बैठक में जमुई की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भगवान महावीर की जननी से जुड़ी इस भूमि का धार्मिक महत्व काफी अधिक है. इसी पहचान को ध्यान में रखते हुए जिले के नाम में सम्मानसूचक ‘जी’ जोड़ने की मांग उठायी गयी.

यह प्रस्ताव फिलहाल मोर्चा की बैठक में पारित किया गया है. इसे लागू करने के लिए संबंधित स्तर पर आगे की प्रक्रिया जरूरी होगी.

जैन तीर्थस्थल तक पहुंच आसान करने के लिए एयरपोर्ट की मांग

बैठक में जमुई को हवाई मार्ग से जोड़ने की मांग भी प्रमुखता से उठायी गयी.

सदस्यों ने कहा कि लछुआड़ स्थित जैन तीर्थस्थल पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में जैन पर्यटक पहुंचते हैं. अगर जमुई हवाई मार्ग से जुड़ता है तो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.

मोर्चा ने दावा किया कि एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता नहीं होगी. बैठक में बताया गया कि हवाई अड्डे के समीप करीब 240 एकड़ जमीन उपलब्ध है.

100 एकड़ जमीन को जलजमाव से मुक्त कराने की मांग

जिले में जलजमाव की समस्या को लेकर भी बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया.

महिसौड़ी मौजा की करीब 100 एकड़ जमीन को जलजमाव से मुक्त कराने के लिए ‘बुढ़िया पैन’ नहर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गयी.

सदस्यों का कहना है कि नहर के अतिक्रमण मुक्त होने और जलनिकासी बेहतर होने से जलजमाव की समस्या कम हो सकती है. इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों और किसानों को मिल सकता है.

हर पंचायत में आलू-प्याज के लिए शीतगृह की मांग

किसानों की समस्या पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई.

मोर्चा ने जिले की सभी पंचायतों में आलू और प्याज के भंडारण के लिए शीतगृह बनाने का प्रस्ताव पारित किया.

किसानों के सामने अक्सर फसल के तुरंत बाद उचित कीमत नहीं मिलने की समस्या रहती है. यदि भंडारण की सुविधा उपलब्ध हो तो किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखकर बाजार की स्थिति के अनुसार बेच सकते हैं.

जिले की सभी पंचायतों में ऐसी सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को किसानों के हित से जोड़कर देखा गया.

बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी जमीन पर दुकानें बनाने का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए भी प्रस्ताव रखा गया.

सदस्यों ने सहकारिता विभाग और राज्य पथ परिवहन विभाग की खाली पड़ी जमीन पर दुकानें बनाकर उन्हें शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आवंटित करने की मांग की.

मोर्चा का कहना है कि इससे सरकारी जमीन का उपयोग भी हो सकेगा और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए स्थान मिल सकता है.

जंगली सूअर और आवारा पशुओं से फसल बचाने की मांग

किसानों की फसल और जान-माल की सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में उठा.

जंगली सूअर, आवारा कुत्तों और सांडों से किसानों की फसल को होने वाले नुकसान को लेकर सदस्यों ने ठोस कदम उठाने की मांग की.

ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ कई बार आवारा पशुओं के कारण दुर्घटना और जान-माल के नुकसान की स्थिति भी बनती है. ऐसे में मोर्चा ने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की.

मनरेगा योजनाओं की जांच और खराब चापाकल ठीक कराने की मांग

बैठक में जमुई प्रखंड में मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितता की जांच कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया.

इसके अलावा खराब पड़े चापाकलों और जल-नल योजनाओं की तत्काल जांच कर उन्हें दुरुस्त कराने की मांग की गयी.

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सीधे लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी है. इसलिए खराब चापाकल और जल-नल योजनाओं को जल्द चालू कराने पर जोर दिया गया.

बंद शवदाह गृह चालू कराने का प्रस्ताव

पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी मोर्चा ने प्रस्ताव रखा.

बैठक में बंद पड़े शवदाह गृह को फिर से चालू कराने की मांग की गयी. सदस्यों ने कहा कि शवदाह गृह के संचालन से लकड़ी की खपत कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह उपयोगी कदम हो सकता है.

Jamui News: विकास के मुद्दों पर मोर्चा ने रखी लंबी सूची

राष्ट्रीय भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा की बैठक पूर्व मुखिया देवेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई.

बैठक में जिले के विकास के साथ पर्यटन, किसानों, रोजगार, जलजमाव, पेयजल, मनरेगा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी.

मोर्चा के प्रस्तावों में एक तरफ जमुई की धार्मिक और पर्यटन पहचान को मजबूत करने की मांग है, तो दूसरी तरफ किसानों और बेरोजगार युवाओं की रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर स्थानीय स्तर पर सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है.

अब इन प्रस्तावों को लेकर संबंधित विभाग और प्रशासन किस स्तर पर कार्रवाई करते हैं, यह देखने वाली बात होगी.

बैठक में उपाध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता रंजीत कुमार चंद्रवंशी, वरीय अधिवक्ता वासुदेव रविदास, बच्चू तांती, सुधीर विश्वभुमि, परशुराम प्रसाद, प्रो. राम स्वरूप, निर्मल ठाकुर, नागेश्वर प्रसाद और दिलीप कुमार सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By पंकज कुमार सिंह

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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