चार श्रम कोड वापस लेने की मांग को लेकर जमुई में प्रतिवाद मार्च और धरना

जमुई में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियन ने चार श्रम कोड को वापस लेने, महंगाई और बेरोजगारी के विरोध में जोरदार मार्च निकाला. भूमिहीन परिवारों के लिए पांच डिसमिल जमीन की मांग उठाई गई.

जमुई. संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को जमुई कचहरी चौक से श्रमिकों, किसानों और विद्यालय रसोइयों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला. मार्च का नेतृत्व भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने किया. शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मार्च अंबेडकर चौक पहुंचा, जहां धरना दिया गया. धरना की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव मनोज कुमार पांडे ने की.

चार श्रम कोड वापस लेने की उठी मांग

प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने आरोप लगाया कि श्रमिकों के लंबे संघर्ष के बाद बने 44 श्रम कानूनों से मजदूरों को कई अधिकार मिले थे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इन अधिकारों को समाप्त कर कॉरपोरेट हित में चार श्रम कोड लागू किए हैं. उन्होंने चारों श्रम कोड वापस लेने की मांग की.

महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया

भाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने कहा कि देश बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार की समस्या से गुजर रहा है. उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों, गैस और खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि इससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं.

कृषि व्यापार समझौते का विरोध

सीपीआई के जिला सचिव सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि श्रम कोड के जरिए कॉरपोरेट और बड़ी कंपनियों के हितों को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग की. उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र को कॉरपोरेट नियंत्रण से बचाने की जरूरत है.

भूमिहीन परिवारों के लिए पांच डिसमिल जमीन की मांग

भाकपा माले नेता संजय राय ने जमुई जिले में भूमिहीन गरीब परिवारों की समस्या उठाई. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भूमिहीन परिवार जमीन के अभाव में रेलवे लाइन, सड़क, नहर, पोखर और नदी किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं. उन्होंने चकाई अंचल के बोगी पंचायत में गैरमजरूआ जमीन की कथित अवैध जमाबंदी की शिकायतों की जांच कराने की मांग की. उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसी जमाबंदी की जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने तथा सरकारी जमीन भूमिहीन गरीब परिवारों के बीच वितरित करने की मांग की.

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

संजय राय ने कहा कि हजारों भूमिहीन परिवार घर और शौचालय बनाने के लिए पांच डिसमिल जमीन की मांग को लेकर अंचल से जिला कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर भाकपा माले की ओर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जायेगा.

विद्यालय रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

ट्रेड यूनियन नेता मोहम्मद हैदर ने विद्यालय रसोइयों की समस्याओं को उठाया. उन्होंने रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विद्यालयों में रसोइयों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता है और ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग की.

काफी संख्या में श्रमिक और किसान रहे मौजूद

कार्यक्रम में जयराम तुरी, ब्रह्मदेव ठाकुर, कल्लू मरांडी, प्रदीप मंडल, सूरज मोहन रावत, गजाधर रजक, कल्लू मांझी, अशोक मांझी, दीपमाला, किरण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रमिक, किसान और विद्यालय रसोइया शामिल हुये.


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By Prabhat khabar news desk

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