Jamui News: जमुई सदर अस्पताल में गुरुवार को मानवता की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. जब दो जरूरतमंद मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ी, तब दो युवकों ने बिना किसी संकोच के आगे बढ़कर रक्तदान किया और उनकी जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. प्रबोध जन सेवा संस्थान के सहयोग से दोनों रक्तदाताओं ने ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया. इनमें एक गर्भवती महिला और दूसरी गंभीर रूप से बीमार महिला मरीज शामिल थीं.
दो जरूरतमंद मरीजों को समय पर मिला रक्त
जानकारी के अनुसार, सोनो निवासी अरुणेश सिंह के पुत्र सूड्डू सिंह ने धोबघट निवासी 45 वर्षीय महिला के लिए रक्तदान किया.
वहीं मिशिर मनीयड्डा निवासी अशोक कुमार सिंह के पुत्र अभिषेक कुमार ने रामपुर, संग्रामपुर (मुंगेर) की एक गर्भवती महिला के लिए रक्तदान कर उसकी मदद की.
समय पर रक्त उपलब्ध होने से दोनों मरीजों के इलाज में महत्वपूर्ण सहायता मिली.
प्रबोध जन सेवा संस्थान ने निभाई अहम भूमिका
रक्तदान की इस पूरी प्रक्रिया में प्रबोध जन सेवा संस्थान ने समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
संस्थान के सहयोग से दोनों रक्तदाता ब्लड बैंक पहुंचे और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रक्तदान किया, जिससे मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सका.
रक्तदान से बड़ी सेवा कोई नहीं: सूड्डू सिंह
रक्तदाता सूड्डू सिंह ने कहा कि यदि उनके रक्त से किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिलती है, तो इससे बड़ा पुण्य और सेवा का कार्य कोई नहीं हो सकता.
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें और जरूरत पड़ने पर समाज के लिए आगे आएं.
अभिषेक कुमार ने युवाओं से की अपील
रक्तदाता अभिषेक कुमार ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान से डरना नहीं चाहिए.
उन्होंने कहा कि रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे किसी जरूरतमंद मरीज को नया जीवन मिल सकता है. उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस सामाजिक अभियान में जुड़ने का आग्रह किया.
समय पर रक्त मिलने से बचती हैं कई जिंदगियां
प्रबोध जन सेवा संस्थान से जुड़े सुमन सौरभ ने दोनों रक्तदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कई बार मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पाने के कारण गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है. ऐसे में युवाओं द्वारा किया गया रक्तदान कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन जाता है.
Jamui News: समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण
स्थानीय लोगों ने भी दोनों युवकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं, तो अस्पतालों में रक्त की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है.
जमुई में हुई यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रक्तदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का सबसे बड़ा उदाहरण है.
