जमुई से गुलशन कश्यप की रिपोर्ट.
Jamui News: खैरा प्रखंड के केंडीह गांव में महादलित बच्चों को रोज ई-रिक्शा से स्कूल पहुंचाने वाले टोला सेवक जयकांत मांझी की पहल अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है. सिकंदरा विधायक प्रफुल्ल मांझी ने उनके घर पहुंचकर न सिर्फ उनकी सराहना की, बल्कि पूरे परिवार को सम्मानित भी किया. विधायक ने जयकांत मांझी, उनके पिता और उनकी पत्नी को माला पहनाकर तथा अंगवस्त्र देकर सम्मान दिया. इस दौरान गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.
जब गांव में गूंजी तालियां
विधायक के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए. लोगों ने जयकांत मांझी की पहल को शिक्षा के लिए बड़ा कदम बताते हुए तालियों के साथ स्वागत किया. गांव के लोगों का कहना था कि जयकांत के प्रयास से अब कई गरीब परिवारों के बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाने लगे हैं.
विधायक बोले- शिक्षा ही बदल सकती है समाज
कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रफुल्ल मांझी ने कहा कि शिक्षा समाज को बदलने का सबसे मजबूत माध्यम है. उन्होंने बताया कि वह खुद भी कभी टोला सेवक रह चुके हैं और गरीब परिवारों की परेशानियों को करीब से समझते हैं. विधायक ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण के साथ जयकांत मांझी बच्चों को स्कूल पहुंचा रहे हैं, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है.
ई-रिक्शा बना बच्चों के सपनों का रास्ता
गांव के लोगों के अनुसार पहले कई बच्चे दूरी और आर्थिक परेशानी के कारण स्कूल नहीं जा पाते थे. लेकिन अब जयकांत मांझी रोज बच्चों को अपने ई-रिक्शा से स्कूल पहुंचाते हैं. इससे अभिभावकों में भी शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है और बच्चों की स्कूल में उपस्थिति बेहतर हुई है.
बच्चों की पढ़ाई न छुड़ाने की अपील
विधायक ने महादलित परिवारों से अपील करते हुए कहा कि मजदूरी या घरेलू काम के कारण बच्चों की पढ़ाई बीच में न छुड़ाएं. उन्होंने कहा कि आज शिक्षा ही गरीबी से बाहर निकलने का सबसे मजबूत रास्ता है. अगर बच्चे पढ़ेंगे तो वे आगे चलकर नौकरी पाएंगे और पूरे परिवार की जिंदगी बदल जाएगी.
