Jamui News: झाझा रेलवे क्षेत्र में बिजली बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. रेलवे प्रशासन ने प्रस्तावित सोलर प्लांट के लिए चयनित जमीन की मापी शुरू कर दी है. गुरुवार को अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों ने स्थल का निरीक्षण कर भूमि का आकलन किया. यह परियोजना पूरी होने के बाद रेलवे क्षेत्र की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है.
एनपीओ कॉलोनी और रेलवे कॉलोनी के बीच चुनी गई जमीन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोलर प्लांट के लिए एनपीओ कॉलोनी और रेलवे कॉलोनी के बीच स्थित छोटी चांदवारी मैदान की रेलवे भूमि का चयन किया गया है.
चयनित स्थल पर गुरुवार से जमीन की मापी शुरू हुई, ताकि परियोजना के लिए उपलब्ध क्षेत्रफल और तकनीकी आवश्यकताओं का आकलन किया जा सके.
जर्जर रेलवे आवासों को किया जा रहा ध्वस्त
सोलर प्लांट की स्थापना के लिए रेलवे प्रशासन ने जमीन तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया है.
एनपीओ कॉलोनी में वर्षों से जर्जर पड़े रेलवे आवासों को ध्वस्त किया जा रहा है और भूमि को समतल बनाया जा रहा है, ताकि सोलर प्लांट के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए.
जलमीनार और झुग्गी-झोपड़ियां भी हटेंगी
छोटी चांदवारी मैदान के समीप स्थित रेलवे की जमीन पर बनी पुरानी जलमीनार और आसपास की झुग्गी-झोपड़ियों को भी हटाने की तैयारी चल रही है.
इससे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि को व्यवस्थित और उपयोग योग्य बनाया जा सकेगा.
अधिकारियों ने किया स्थल का निरीक्षण
मापी कार्य के दौरान रेलवे पावर हाउस के फोरमैन संजय कुमार सहित अन्य तकनीकी कर्मी मौजूद रहे.
उन्होंने चयनित स्थल का निरीक्षण कर जमीन की स्थिति, क्षेत्रफल और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली.
रेलवे को मिलेगी ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूती
फोरमैन संजय कुमार ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद रेलवे क्षेत्र में बिजली की जरूरतों को पूरा करने में काफी सहायता मिलेगी.
उन्होंने कहा कि इससे रेलवे को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता भी कम होगी.
Jamui News: बिजली आपूर्ति और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे परिसरों में सोलर प्लांट स्थापित होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर और किफायती हो सकती है.
साथ ही सौर ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और दीर्घकालिक ऊर्जा बचत जैसे लाभ भी मिलेंगे.
झाझा रेलवे क्षेत्र में प्रस्तावित यह सोलर प्लांट परियोजना आने वाले समय में रेलवे के ऊर्जा प्रबंधन मॉडल के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है.
