आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार निलंबित, करोड़ों की संपत्ति मिलने के बाद बड़ी कार्रवाई

Jamui News: जमुई में आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है. आर्थिक अपराध इकाई की जांच में करोड़ों की संपत्ति और भारी अनियमितता सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग ने कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

जमुई से अर्जुन अरनव के इनपुट के साथ रिपोर्ट.

Jamui News: पंचायती राज विभाग के ग्रामीण कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. आर्थिक अपराध इकाई की जांच में उनकी वैध आय से करीब 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के बाद यह फैसला लिया गया. विभाग के उपसचिव आदित्य प्रकाश द्वारा जारी आदेश में प्राथमिकी और चल रही जांच को आधार बनाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन लागू कर दिया गया है.

ईओयू जांच में खुली करोड़ों की संपत्ति

जानकारी के अनुसार झाझा में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने विस्तृत जांच शुरू की. जांच में उनकी घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया. ईओयू की रिपोर्ट में कहा गया कि गोपाल कुमार के पास वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई.

पटना से झाझा तक चली छापेमारी

मामला दर्ज होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पटना, जमुई और झाझा समेत चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, जमीन से जुड़े कागजात और निवेश संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए. सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति से जुड़े साक्ष्य मिले हैं. कई बैंक खातों और निवेश योजनाओं की भी जांच जारी है.

विभागीय कार्रवाई से बढ़ीं मुश्किलें

पंचायती राज विभाग ने इस मामले को गंभीर अनियमितता मानते हुए गोपाल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. विभागीय आदेश में कहा गया है कि भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज प्राथमिकी तथा चल रही जांच को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विभाग द्वारा निर्धारित स्थान पर रहेगा और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.

प्रशासनिक महकमे में मची हलचल

इस कार्रवाई के बाद पंचायती राज विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. सरकारी अधिकारियों और अभियंताओं के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि आर्थिक अपराध इकाई की जांच में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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