जमुई जिले के सरकारी, अनुदानित, माध्यमिक, प्लस टू, मध्य एवं प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक अभिलेखों (स्कूल रिकॉर्ड्स) के संधारण को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) धनंजय कुमार पासवान ने सभी विद्यालय प्रधानों को नामांकन पंजी (Enrollment Register), टीसी (TC) व अन्य अभिलेखों का नियमानुसार रख-रखाव सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया है.
किशोर न्याय परिषद और DEO कार्यालय की जांच में खुली पोल
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न प्राधिकारों, विशेषकर किशोर न्याय परिषद (Juvenile Justice Board) और डीईओ कार्यालय में छात्रों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं:
- ओवरराइटिंग व छेड़छाड़: नामांकन पंजी में छात्रों की जन्मतिथि में कटिंग, ओवरराइटिंग और विवरणों के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें मिली हैं.
- नियमविरुद्ध टीसी निर्गमन: कई विद्यालयों द्वारा स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) का क्रमवार संधारण नहीं किया जा रहा है.
डीईओ ने जारी किए ये 5 प्रमुख दिशानिर्देश
शिक्षा विभाग की छवि धूमिल होने से बचाने के लिए डीईओ ने सभी प्रधानाध्यापकों के लिए निम्नलिखित नियम अनिवार्य कर दिए हैं:
- नामांकन पंजी को बंद व प्रमाणित करना: हर शैक्षणिक सत्र में एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामांकन रजिस्टर को विधिवत क्लोज (बंद), सर्टिफाइड और पेजिनेटेड (पृष्ठांकित) किया जाएगा.
- जन्म तिथि में सुधार नहीं: छात्र की जन्मतिथि और विवरण में किसी भी प्रकार की कटिंग या सफेदा/ओवरराइटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
- टीसी के लिए गार्ड फाइल: स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) केवल सीरियल नंबर के अनुसार ही निर्गत होंगे और उसकी प्रति वर्षवार 'गार्ड फाइल' में सुरक्षित रखी जाएगी.
- सत्यापन में पहचान पत्र अनिवार्य: बोर्ड या किशोर न्याय परिषद के समक्ष सत्यापन के लिए उपस्थित होने वाले प्रधानाध्यापक अपना आधिकारिक पहचान पत्र साथ रखेंगे और तय तिथि पर बिना रिमाइंडर की प्रतीक्षा किए उपस्थित होंगे.
- बीईओ करेंगे मॉनिटरिंग: जिले के सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में इस आदेश का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
लापरवाही पर होगी सीधी दंडात्मक कार्रवाई
डीईओ धनंजय कुमार पासवान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में निरीक्षण या सत्यापन के दौरान यदि किसी भी विद्यालय में रिकॉर्ड्स के रख-रखाव में लापरवाही पाई गई, तो इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित प्रधानाध्यापक की होगी और उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
