Jamui Infrastructure News : जमुई जिले के खैरा, सोनो और चकाई क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. बिहार मंत्रिमंडल ने एनएच-333ए पर क्षतिग्रस्त नरियाना और मांगोबंदर पुलों की जगह नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है. करीब 150 करोड़ रुपये की इस परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण को मिली हरी झंडी
बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में एनएच-333ए पर स्थित नरियाना और मांगोबंदर पुल के पुनर्निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई. कैबिनेट के निर्णय के अनुसार खैरा-सोनो मार्ग पर क्यूल नदी के नरियाना घाट में पुराने क्षतिग्रस्त पुल की जगह 16×29.85 मीटर का उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनाया जाएगा. इस परियोजना के लिए 93.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं सुकरन नदी पर स्थित मांगोबंदर पुल के स्थान पर 9×29.85 मीटर का नया उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनाया जाएगा, जिस पर 55.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे. दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 149.78 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
वर्षों से परेशानी झेल रहे लोगों को मिलेगी राहत
नरियाना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से इस मार्ग पर भारी वाहनों का परिचालन बाधित था. इसका असर केवल आवागमन पर ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे संचालित होटल, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ा. व्यापार प्रभावित होने से कई लोगों की आजीविका पर असर पड़ा. मांगोबंदर पुल की जर्जर स्थिति भी लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई थी.
खैरा, सोनो और चकाई की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
दोनों नए पुलों के निर्माण के बाद खैरा, सोनो और चकाई समेत आसपास के क्षेत्रों का सड़क संपर्क बेहतर होगा. भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होने से व्यापार, परिवहन और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा.
विधायक ने जताया सरकार के प्रति आभार
जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने कैबिनेट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इन पुलों के निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी. प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना जिले के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी.
