महिला अधिकारों का सम्मान करना जरूरी – नलिनी
दिल्ली हाई कोर्ट की अधिवक्ता व एमिटी यूनिवर्सिटी से क्रिमिनोलॉजी में एलएलएम कर रही जमुई निवासी नलिनी सिंह ने कहा कि यह दिन हमें नारी-शक्तिकरण, उसकी उपलब्धियों एवं समाज के निर्माण में उनके बहुमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है.
जमुई . 08 मार्च को पूरे देश भर में महिला दिवस मनाया जाता है. इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की अधिवक्ता व एमिटी यूनिवर्सिटी से क्रिमिनोलॉजी में एलएलएम कर रही जमुई निवासी नलिनी सिंह ने कहा कि यह दिन हमें नारी-शक्तिकरण, उसकी उपलब्धियों एवं समाज के निर्माण में उनके बहुमूल्य योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है. नलिनी ने कहा कि महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनायी है. चाहे वह शिक्षा, विज्ञान, खेल, राजनीति या व्यवसाय हो. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि समाज को संतुलित और प्रगतिशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. वर्षों से महिलाएं सामाजिक अन्याय, भेदभाव और असमानता का शिकार रही हैं. और ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कई कानून और नीतियां का गलत तरीके से इस्तेमाल होता है, तो यह न केवल समाज के लिए, बल्कि वास्तविक पीड़िताओं के लिए भी एक बड़ी समस्या बन जाता है. नलिनी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का सही अर्थ तभी पूरा होगा, जब इसे न्याय और समानता की भावना के साथ अपनाया जायेगा. हमें एक ऐसा समाज बनाना होगा जहां महिलाओं को उनके अधिकार पूरी तरह मिलें, लेकिन कानूनों का दुरुपयोग करने वालों पर भी सख्ती से कार्रवाई हो.
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