बरहट. पंचायत स्थित विद्युत आपूर्ति शाखा के समीप निर्माणाधीन नये पंचायत सरकार भवन में अनियमितता का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. विभागीय जांच के बाद कार्य पर रोक लगने के बावजूद संवेदक द्वारा मनमाने तरीके से दोबारा निर्माण शुरू कराये जाने का मामला सामने आया है. इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. बीते दिनों अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता संख्या-2 श्रीराम के द्वारा पंचायत भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया था. जांच के दौरान कई गंभीर खामियां पायी गयी थीं. इसके बाद संवेदक को अगले आदेश तक निर्माण कार्य बंद रखने का स्पष्ट निर्देश दिया गया था. इसके बावजूद संवेदक ने आदेश की अनदेखी करते हुए पुनः निर्माण कार्य शुरू करा दिया. मौके पर पहुंचे स्थानीय वार्ड सदस्य किस्टो पंडित सहित ग्रामीण दिनेश यादव, बिपिन कुमार, विनोद यादव और साजन कुमार ने निर्माण स्थल पर गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी होते देख विरोध जताया. ग्रामीणों ने मजदूरों से संवेदक और अभियंता की मौजूदगी के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी के भी मौके पर मौजूद न होने की बात सामने आयी. सूचना दिये जाने पर संवेदक स्थल पर पहुंचे, लेकिन निर्माण से जुड़े सवालों पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय ग्रामीणों को दोबारा आने पर मुकदमा करने की धमकी दे डाली. इस दौरान ग्रामीणों और संवेदक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि प्रभात खबर नहीं करता है. ग्रामीणों का आरोप है कि भवन की ढलाई में निर्धारित मानकों के अनुरूप सरिया का उपयोग नहीं किया जा रहा है. केवल गिट्टी डालकर कार्य कराया जा रहा है, वहीं कमरों का अटैचमेंट भी तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया है. इससे भवन की मजबूती और दीर्घायु पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं.
कहते हैं पदाधिकारी
इस संबंध में जेई मनोज कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों द्वारा पहले भी शिकायत की गयी थी. इसके बाद वरीय पदाधिकारियों ने कार्य पर रोक लगायी थी और गलत तरीके से किये गये निर्माण को सुधारने का निर्देश दिया गया था. शनिवार को पुनः शिकायत मिलने पर स्थल का निरीक्षण किया गया जहां निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पायी गयी. जांच रिपोर्ट विभाग को भेजी जा रही है इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
