-कागजी कोरम कर करोड़ों की राशि बंदरबांट का आरोप, जांच रिपोर्ट भेजी जायेगी जिला को अलीगंज. प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है. यहां मनरेगा योजनाओं को धरातल पर उतारे बिना ही कागजी कोरम पूरा कर सरकारी राशि के बंदरबांट का आरोप लगाया जा रहा है. आरटीआई के बाद विकास योजनाओं में लूट की पोल खुलने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच टीम के तहत डीपीओ नीरज कुमार ने अलीगंज पंचायत में वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान कराए गए कार्यों की जांच की. इस दौरान कुल 37 तालाब खुदाई कार्य एवं 10 बांध निर्माण योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया गया. जांच में कई स्थानों पर कार्य धरातल पर नहीं पाये गये, जबकि अभिलेखों में योजनाओं को पूर्ण दिखाते हुए करोड़ों रुपये की निकासी दर्शायी गयी है. आरोप है कि तत्कालीन अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा कर्मी एवं जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से बिना कार्य कराए ही राशि का गबन किया गया. इसी क्रम में शनिवार को प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) राकेश कुमार ने भी अलीगंज पंचायत में पूर्व में की गयी शिकायतों के आधार पर जांच की. उन्होंने बताया कि यह सभी कार्य उनके कार्यभार संभालने से पूर्व के हैं. डीपीओ के निर्देश पर किये गये निरीक्षण में कार्य संतोषप्रद नहीं पाया गया है. जांच प्रतिवेदन जिला के वरीय अधिकारियों को भेजा जायेगा. बताया गया कि अलीगंज पंचायत में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व बिचौलियों की मिलीभगत से बिना काम कराये ही कागजी प्रक्रिया पूरी कर करोड़ों रुपये की राशि की अवैध निकासी की गयी. इस संबंध में अलीगंज निवासी मनोज मेहता, अरुण उर्फ पप्पू मेहता, मुकेश यादव, अमरेश कुमार एवं परशुराम प्रसाद द्वारा शिकायत की गयी थी. आरटीआई के माध्यम से दस्तावेज सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पीएमओ कार्यालय, दिल्ली, प्रधान सचिव एवं बिहार सरकार के मुख्यमंत्री तक की गयी थी. जांच शुरू होते ही संबंधित अधिकारियों, बिचौलियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मचा हुआ है.
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