जमुई . आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों में शुमार जमुई के समग्र विकास को लेकर स्थानीय स्तर पर पहल तेज होती दिख रही है. जिले की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने राज्य सरकार से विशेष हस्तक्षेप की मांग की है. इसी क्रम में जमुई निवासी सह लॉर्ड बुद्धा स्कूल पटना के प्राचार्य धनेश्वर प्रसाद, जदयू नेत्री सावित्री देवी उर्फ रूपम प्रसाद ने संयुक्त रूप से सम्राट चौधरी से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री बनने पर उन्हें बधाई देते हुए जमुई के विकास को प्राथमिकता देने का आग्रह किया. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जमुई कभी देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में शामिल रहा है. यह जिला लंबे समय तक उग्रवाद से प्रभावित रहा है और यहां आदिवासी एवं मांझी समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है, जिन्हें समाज के अंतिम पायदान पर माना जाता है. जिले के दक्षिणी हिस्से में पहाड़ी और असमान भूभाग विकास में बाधा उत्पन्न करता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में उपजाऊ भूमि होने के बावजूद संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि जमुई उनके गृह जिला मुंगेर से जुड़ा हुआ है और वे इसकी परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि जमुई के विकास के लिए सरकार विशेष ध्यान देगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. इस आश्वासन से प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जमुई के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार और कृषि के क्षेत्र में ठोस सुधार देखने को मिलेगा.
सीएम से मिले शिक्षाविद व जनप्रतिनिधि, जमुई के समग्र विकास की मांग
आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों में शुमार जमुई के समग्र विकास को लेकर स्थानीय स्तर पर पहल तेज होती दिख रही है.
