अवैध पशु परिवहन और बालू गाड़ियों के परिचालन को लेकर सिकंदरा पुलिस पर सवाल, डीआईजी से जांच की मांग

सिकंदरा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाये गए हैं. कैयार गांव निवासी राहुल कुमार ने डीआईजी को लिखित शिकायत देकर अवैध पशु व बालू परिवहन की निष्पक्ष जांच की मांग की है. शिकायत में वीडियो बनाने पर धमकी और हमले के प्रयास का भी आरोप है.

अलीगंज (जमुई). जिले में कथित अवैध पशु परिवहन और बालू गाड़ियों के परिचालन को लेकर सिकंदरा पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. कैयार गांव निवासी राहुल कुमार ने पुलिस उप महानिरीक्षक को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की है. शिकायत की प्रति सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है.

थानाध्यक्ष को सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

शिकायतकर्ता राहुल कुमार का आरोप है कि सिकंदरा थाना क्षेत्र में कथित अवैध पशु परिवहन और बालू गाड़ियों के परिचालन की सूचना उन्होंने थानाध्यक्ष को फोन के माध्यम से दी थी. इसके बावजूद संबंधित मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने विशेष रूप से रात के समय कथित अवैध गतिविधियां जारी रहने का आरोप लगाया है.

वीडियो बनाने पर धमकी देने का आरोप

राहुल कुमार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि थाना के मुंशी द्वारा चौकीदार कुमोद रंजन के माध्यम से कथित तौर पर लोगों को पशु परिवहन और बालू गाड़ियों का वीडियो नहीं बनाने की बात कही जाती है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि वीडियो बनाने पर जेल भेजने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जाती है.

हमले के प्रयास का भी लगाया आरोप

शिकायतकर्ता ने चौकीदार कुमोद रंजन समेत एक अन्य व्यक्ति पर कथित रूप से उनके साथ हमला करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.

चंद्रदीप थाना क्षेत्र का भी शिकायत में उल्लेख

शिकायत में चंद्रदीप थाना क्षेत्र में भी कथित अवैध पशु परिवहन और बालू गाड़ियों के परिचालन का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा थानाध्यक्ष के कथित सहयोग से चौकीदार और निजी चालक द्वारा रात में वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया है.

डीआईजी से जांच और कार्रवाई की मांग

राहुल कुमार ने पुलिस उप महानिरीक्षक से शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता जताई है.

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता

शिकायत में लगाए गए आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है. ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >