बरहट.
बिहार गृह रक्षा वाहिनी के जवानों का आक्रोश गुरुवार को खुलकर सामने आया. मलयपुर स्थित जिला समादेष्टा कार्यालय में दर्जनों जवानों ने ड्यूटी आवंटन में कथित अनियमितता, अवैध वसूली और शोषण के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान जवानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किये. धरने का नेतृत्व कर रहे गृह रक्षा वाहिनी के जिला सचिव सुरेंद्र कुमार यादव ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल समेत विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात जवानों की ड्यूटी 31 मई के बाद अचानक समाप्त कर दी गयी. जिससे करीब 80 जवान बेरोजगार हो गये. उन्होंने कहा कि नई जगहों पर ड्यूटी लगाने के लिए जवान लगातार जिला कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. प्रदर्शनकारी जवानों ने आरोप लगाया की जिला कार्यालय में सक्रिय बिचौलियों का एक नेटवर्क काम कर रहा है, जो ड्यूटी दिलाने के नाम पर जवानों से सात हजार से 10 हजार रुपये तक की मांग करता है. आरोप है कि जो जवान पैसे देते हैं, उन्हें मनचाही जगहों या नजदीकी थानों में तैनाती मिल जाती है जबकि पैसे नहीं देने वालों को प्रताड़ित किया जाता है और उनकी ड्यूटी लंबित रखी जाती है. जवानों ने यह भी दावा किया कि पहले जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गयी थी, उन्हें विभाग द्वारा हटाया गया, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया. प्रदर्शनकारियों ने अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. धरना-प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष पिंटू कुमार, वकील कुमार, हीरालाल यादव, अधिवक्ता रवि कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष जवान शामिल रहे.क्या कहते हैं जिला समादेष्टा
इस संबंध में जिला समादेष्टा हरेंद्र कुमार सिंह ने जवानों द्वारा लगाये गये आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया. उन्होंने कहा कि जवानों की शिकायत पर संबंधित डिप्टी पदाधिकारी को पहले ही हटा दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जवानों की संख्या अधिक होने और उपलब्ध ड्यूटी सीमित होने के कारण सभी को तत्काल तैनाती देना संभव नहीं हो पा रहा है. अवैध वसूली के आरोपों को भी उन्होंने सिरे से खारिज किया.
