Gidhaur Railway Station: गिद्धौर (जमुई) से कुमार सौरभ की रिपोर्ट: कोरोना काल के बाद से गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर बंद हुए महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव को लेकर अब स्थानीय लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है. भाजपा जिला मंत्री सह पूर्व प्रमुख शम्भू कुमार केशरी के नेतृत्व में दर्जनों रेल यात्रियों, जनप्रतिनिधियों और व्यवसायियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर जमुई सांसद अरुण भारती को ज्ञापन सौंपा. लोगों ने गिद्धौर स्टेशन पर कई प्रमुख ट्रेनों के पूर्ववत ठहराव बहाल कराने की मांग की है.
ट्रेन बंद होने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना काल के बाद कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव गिद्धौर रेलवे स्टेशन पर बंद कर दिया गया था. इसके कारण अब यात्रियों को पटना, दिल्ली, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों तक जाने के लिए झाझा या दूसरे रेलवे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ता है. इससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त बर्बादी हो रही है.
छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि गिद्धौर स्टेशन इलाके के हजारों यात्रियों के लिए प्रमुख रेल केंद्र है.
इन ट्रेनों के ठहराव की उठी मांग
ज्ञापन में झाझा-दानापुर फास्ट पैसेंजर (53203/53204), साउथ बिहार एक्सप्रेस (13287/13288) और हावड़ा-पटना जन शताब्दी एक्सप्रेस (12023/12024) के गिद्धौर स्टेशन पर ठहराव की मांग की गई है.
लोगों का कहना है कि इन ट्रेनों के रुकने से इलाके के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और रेल आवागमन आसान हो जाएगा.
हस्ताक्षर अभियान को मिला जनसमर्थन
मांगपत्र के साथ दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर कर समर्थन जताया. इसमें पतसंडा, बानाडीह, खैरा सहित आसपास के पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी शामिल रहे.
शम्भू कुमार केशरी ने कहा कि ट्रेनों के ठहराव बंद होने से आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने सांसद अरुण भारती से रेल मंत्रालय स्तर पर पहल कर जल्द ट्रेनों का ठहराव बहाल कराने की मांग की.
रेल सुविधा बहाली की उम्मीद में लोग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सांसद और रेल मंत्रालय इस मामले में सकारात्मक पहल करते हैं तो हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी. अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि गिद्धौर स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव दोबारा कब शुरू होता है.
