Last Somwari 2026: सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध गिद्धेश्वर नाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. रविवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल खुद मंदिर परिसर पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
डीएम-एसपी के निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि अंतिम सोमवारी के दिन श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो. मंदिर में भीड़ बढ़ने की स्थिति में आवागमन कैसे नियंत्रित होगा, श्रद्धालु किस रास्ते से प्रवेश करेंगे और किस मार्ग से बाहर निकलेंगे, इन सभी व्यवस्थाओं को अधिकारियों ने मौके पर देखा.
बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं के रास्ते की हुई जांच
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर का भ्रमण कर श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए बनाये गये मार्ग और बैरिकेडिंग व्यवस्था का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने मंदिर कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिया कि अंतिम सोमवारी के दौरान भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाये.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. यदि किसी समय अचानक भीड़ बढ़ती है, तो ऐसी स्थिति में भी व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए. इसके लिए मंदिर कमेटी और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाये रखने पर भी जोर दिया गया.
रोशनी से लेकर साफ-सफाई तक पर प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की बिजली व्यवस्था भी देखी गयी. अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पर्याप्त रोशनी और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
डीएम और एसपी ने बिजली विभाग के जेई रवि रंजन को मंदिर परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था रखने को कहा. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई को लेकर भी विशेष निर्देश दिये गये.
श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक आयोजन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराना भी है. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की.
Last Somwari 2026: मंदिर कमेटी को प्रशासन के साथ समन्वय का निर्देश
डीएम और एसपी ने मंदिर कमेटी के सदस्यों से प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाये रखने की अपील की. अधिकारियों ने कहा कि अंतिम सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए सभी संबंधित लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करना होगा.
प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को लंबी अव्यवस्था, भीड़ के दबाव या आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था से लेकर बिजली और साफ-सफाई तक सभी बिंदुओं पर निगरानी रखी जा रही है.
गिद्धेश्वर नाथ मंदिर में सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह है. बड़ी संख्या में शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंच सकते हैं. ऐसे में प्रशासन की तैयारियां श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं.
निरीक्षण के दौरान मंदिर सदस्य गिरधारी यादव, प्रदीप यादव, अरुण मिस्री, पंडित रणजीत पांडेय, दिलखुश पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे.
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