Giddhaur Janmashtami 2026: गिद्धौर में “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...” जन्माष्टमी के मौके पर इस बार गिद्धौर में भक्ति का माहौल लगातार चार दिनों तक देखने को मिलेगा. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सनातन संस्कृति सेवा समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
शनिवार को पंच मंदिर परिसर में हुई महत्वपूर्ण बैठक में जन्माष्टमी महोत्सव की पूरी रूपरेखा तय की गयी. इस बार मुख्य आयोजन गायत्री मंदिर के समीप पंच मंदिर परिसर में तैयार होने वाले भव्य पंडाल में होगा. इसी पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी प्रतिमा स्थापित की जायेगी.
पूजा से लेकर महाप्रसाद और फिर प्रतिमा विसर्जन तक चार दिनों तक गिद्धौर में धार्मिक आयोजन चलते रहेंगे.
आधी रात को होगा कान्हा का जन्मोत्सव
जन्माष्टमी महोत्सव का सबसे खास आयोजन 4 सितंबर, शुक्रवार की मध्यरात्रि को होगा.
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के शुभ मुहूर्त पर पूजन संकल्प, प्राण प्रतिष्ठा और विशेष जन्मोत्सव पूजा का आयोजन किया जायेगा. शास्त्रोक्त विधान से होने वाली पूजा समिति के पुरोहित उत्तम कुमार झा उर्फ राजा बाबू करायेंगे.
मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के साथ ही पंडाल में भक्ति और उत्सव का माहौल चरम पर पहुंचने की उम्मीद है.
हजारों श्रद्धालुओं के बीच बांटा जायेगा महाप्रसाद
जन्मोत्सव पूजा के अगले दिन 5 सितंबर, शनिवार को श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण किया जायेगा.
समिति की ओर से हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरित करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए आयोजन स्थल पर व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है.
आयोजकों का प्रयास है कि जन्माष्टमी में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को पूजा के साथ प्रसाद की भी समुचित सुविधा मिले.
6 सितंबर को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन पूजन
महोत्सव का तीसरा दिन भी धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ा रहेगा.
6 सितंबर, रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन पूजन और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के विसर्जन की तैयारियां पूरी की जायेंगी.
7 सितंबर को गाजे-बाजे के साथ होगा प्रतिमा विसर्जन
जन्माष्टमी महोत्सव का समापन 7 सितंबर, सोमवार को होगा.
इस दिन गाजे-बाजे के साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा. प्रतिमा को त्रिपुरा सुंदरी मंदिर तालाब में विसर्जित किया जायेगा.
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए आयोजन समिति शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन की तैयारी में जुटी है.
भव्य पंडाल में विराजेंगे भगवान श्रीकृष्ण
इस बार जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण पंच मंदिर परिसर में बनने वाला भव्य पंडाल होगा.
गायत्री मंदिर के समीप तैयार होने वाले पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की जायेगी. पंडाल की सजावट को विशेष रूप देने की तैयारी है.
इसके साथ ही लाइट और साउंड की व्यवस्था भी की जायेगी, जिससे जन्मोत्सव का माहौल और भव्य बनाया जा सके.
बैठक में बांटी गयीं आयोजन की जिम्मेदारियां
सनातन संस्कृति सेवा समिति की बैठक में महोत्सव की अलग-अलग व्यवस्थाओं को लेकर सदस्यों के बीच जिम्मेदारियां बांटी गयीं.
पंडाल की सजावट, लाइट-साउंड, पूजा व्यवस्था और आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर चर्चा हुई. समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आयोजन से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जायेंगी.
समिति ने गिद्धौर के लोगों से जन्माष्टमी महोत्सव को सफल बनाने में तन-मन से सहयोग करने की अपील की है.
चार दिन, चार बड़े पड़ाव
गिद्धौर में इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव का कार्यक्रम चार दिनों तक चलेगा.
4 सितंबर: मध्यरात्रि में पूजन संकल्प, प्राण प्रतिष्ठा और विशेष जन्मोत्सव पूजा.
5 सितंबर: हजारों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद वितरण.
6 सितंबर: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन पूजन और प्रसाद वितरण.
7 सितंबर: गाजे-बाजे के साथ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर तालाब में प्रतिमा विसर्जन.
Giddhaur Janmashtami 2026: गिद्धौर में अभी से बढ़ी चहल-पहल
जन्माष्टमी को लेकर गिद्धौर में अभी से उत्साह का माहौल है. समिति की बैठक के बाद आयोजन की तैयारियों को गति मिल गयी है.
पंच मंदिर परिसर में होने वाला मुख्य आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहने वाला है. भव्य पंडाल, कृष्ण प्रतिमा, मध्यरात्रि जन्मोत्सव, महाप्रसाद और गाजे-बाजे के साथ विसर्जन इस बार के महोत्सव को खास बनाने की तैयारी है.
बैठक में सुमन कुमार रावत, रॉकी कुमार, बिट्टू कुमार, सुशांत साईं सुंदरम, नीतीश कुमार, अंजेश कुमार, ठाकुर अंकित, पवन पंडित, सत्यम केशरी, राजा रजक, पियूष कुमार, रणबीर कुमार सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे.
