Giddhaur Durga Puja 2026: गिद्धौर. मां दुर्गा के भक्तों के लिए जरूरी खबर है. वर्ष 2026 की शारदीय दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा को लेकर गिद्धौर में पूजा कार्यक्रम और शुभ मुहूर्त का कैलेंडर जारी कर दिया गया है. ज्योतिष विज्ञान केंद्र, भोला भवन गिद्धौर से प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री रावणेश्वर संस्कृत महाविद्यालय गिद्धौर, डॉ. विभूति नाथ झा ने यह कैलेंडर जारी किया है.
जारी पंचांग के अनुसार इस वर्ष गिद्धौर में शारदीय दुर्गा पूजा का महापर्व 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा. कलश स्थापना से लेकर महानवमी, विजयादशमी और प्रतिमा विसर्जन तक अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ समय निर्धारित किया गया है.
दुर्गा पूजा के बाद 25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा होगी और 26 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किया जायेगा.
11 अक्टूबर को होगी कलश स्थापना, यहीं से शुरू होगा पूजा पर्व
दुर्गा पूजा का शुभारंभ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा यानी रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को होगा.
इस दिन कलश स्थापना और पाठ संकल्प के लिए सुबह 5:43 बजे के बाद से पूर्वाह्न 10:04 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
श्रद्धालु इसी अवधि में विधि-विधान के साथ कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा का संकल्प ले सकते हैं.
15 अक्टूबर को गहवरा प्रवेश, 16 को विल्वाभिमंत्रण
पूजा कार्यक्रम में आगे गुरुवार, 15 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल पंचमी के अवसर पर गहवरा प्रवेश का मुहूर्त निर्धारित है.
इसके लिए सुबह 5:44 बजे के बाद से पूर्वाह्न 10:35 बजे तक का समय दिया गया है.
इसके अगले दिन शुक्रवार, 16 अक्टूबर को आश्विन शुक्ल षष्ठी के दिन विल्वाभिमंत्रण की यात्रा होगी. इसके लिए अपराह्न 4:00 बजे के बाद से 4:40 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
17 अक्टूबर को पत्रिका प्रवेश
आश्विन शुक्ल सप्तमी यानी शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को पत्रिका प्रवेश का कार्यक्रम होगा.
कैलेंडर के अनुसार यह कार्यक्रम अपराह्न 3:48 बजे के पूर्व निर्धारित है. इसके बाद सप्तमी अहोरात्र रहेगी.
पूजा पंडालों और मंदिरों में सप्तमी की तैयारियां इसी क्रम के अनुसार की जायेंगी.
18 अक्टूबर को महाष्टमी की निशा पूजा
रविवार, 18 अक्टूबर को सप्तमी के बाद अष्टमी तिथि रहेगी. कैलेंडर के अनुसार सप्तमी की अवधि प्रातः 8:26 बजे तक बतायी गयी है.
इसके बाद महाष्टमी से जुड़े अनुष्ठान होंगे. निशा पूजा को दुर्गा पूजा के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में माना जाता है.
19 अक्टूबर को महाष्टमी व्रत और जागरण
सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल अष्टमी के अवसर पर महाष्टमी व्रत और जागरण का कार्यक्रम होगा.
कैलेंडर के अनुसार अष्टमी की अवधि पूर्वाह्न 10:52 बजे तक निर्धारित है.
इस दिन श्रद्धालु व्रत और पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा की आराधना करेंगे.
20 अक्टूबर को महानवमी और बलिप्रदान
दुर्गा पूजा के प्रमुख दिनों में शामिल महानवमी मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को होगी.
महानवमी बलिप्रदान के लिए दो समयखंड दिये गये हैं. पहला प्रातः 5:48 बजे से 7:14 बजे तक और दूसरा पूर्वाह्न 8:40 बजे से अपराह्न 12:51 बजे तक निर्धारित किया गया है.
21 अक्टूबर को विजयादशमी, इन समयों में होगा विसर्जन
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी और दशहरा मनाया जायेगा.
प्रतिमा विसर्जन के लिए कैलेंडर में तीन समयखंड निर्धारित किये गये हैं. पहला प्रातः 5:48 बजे से पूर्वाह्न 8:40 बजे तक, दूसरा पूर्वाह्न 10:06 बजे से 11:32 बजे तक और तीसरा अपराह्न 12:58 बजे से 2:12 बजे तक है.
वहीं प्रवाह के लिए प्रतिमा निष्क्रमण का समय अपराह्न 2:35 बजे के बाद से शाम 5:11 बजे तक निर्धारित किया गया है.
25 अक्टूबर को होगी मां लक्ष्मी की पूजा
दुर्गा पूजा के बाद गिद्धौर में लक्ष्मी पूजा का आयोजन होगा.
आश्विन शुक्ल चतुर्दशी के बाद पूर्णिमा यानी रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को लक्ष्मी पूजा का संकल्प और पूजन होगा.
जारी कैलेंडर के अनुसार पूजन संकल्प के लिए रात्रि 7:06 बजे के बाद से रात 8:12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करेंगे.
26 अक्टूबर को लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन
लक्ष्मी पूजा के अगले दिन यानी सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को प्रतिमा विसर्जन होगा.
प्रतिमा विसर्जन के लिए पूर्वाह्न 6:42 बजे से अपराह्न 1:50 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
प्रवाह हेतु प्रतिमा निष्क्रमण का समय शाम 4:10 बजे से 5:15 बजे तक रहेगा.
ज्योतिषाचार्य ने बताया, सभी मुहूर्त शास्त्र सम्मत
ज्योतिषाचार्य डॉ. विभूति नाथ झा ने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा से जुड़े सभी मुहूर्त शास्त्र सम्मत हैं.
उन्होंने श्रद्धालुओं से जारी कैलेंडर के अनुसार पूजा-अर्चना करने की अपील की. उनका कहना है कि श्रद्धालु निर्धारित मुहूर्त में मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की आराधना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.
गिद्धौर में पूजा की तैयारियां अब इसी कैलेंडर के अनुसार आगे बढ़ेंगी. खासकर कलश स्थापना, सप्तमी, अष्टमी, महानवमी और विजयादशमी के मुहूर्त श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे.
Giddhaur Durga Puja 2026: एक नजर में तारीखें
11 अक्टूबर: कलश स्थापना एवं पाठ संकल्प
15 अक्टूबर: गहवरा प्रवेश
16 अक्टूबर: विल्वाभिमंत्रण
17 अक्टूबर: पत्रिका प्रवेश
18 अक्टूबर: महाष्टमी निशा पूजा
19 अक्टूबर: महाष्टमी व्रत जागरण
20 अक्टूबर: महानवमी बलिप्रदान
21 अक्टूबर: विजयादशमी और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन
25 अक्टूबर: श्री लक्ष्मी पूजा
26 अक्टूबर: लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन
