– समर कैंप से निखरेंगी बच्चों की छिपी प्रतिभाएं, कला, संगीत, योग और कराटे के जरिये मिलेगा हुनर को नया मंच जमुई. भारतीय कला महाविद्यालय द्वारा इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों को बच्चों के लिए रचनात्मक, शिक्षाप्रद और यादगार बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की गयी है. संस्थान परिसर में 1 जून से 15 जून 2026 तक निःशुल्क समर कैंप का आयोजन किया जायेगा, इसमें गांव और शहर दोनों क्षेत्रों के बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा. जानकारी देते हुए भारतीय कला महाविद्यालय के प्राचार्य टिंकू पासवान ने बताया कि आज के दौर में बच्चे मोबाइल और टीवी की दुनिया में अधिक समय बिता रहे हैं, जिससे उनकी रचनात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है. ऐसे में यह कैंप बच्चों को नई कला, अनुशासन और आत्मविश्वास से जोड़ने का माध्यम बनेगा. कैंप में बच्चों को पेंटिंग, संगीत, तबला वादन, डांस, गिटार, बांसुरी, सिंगिंग, कराटे, योग तथा मेंहदी कला जैसी विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जायेगा. सभी गतिविधियों का संचालन अनुभवी और प्रशिक्षित शिक्षकों की देखरेख में होगा. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास किया जायेगा. महाविद्यालय परिसर में समर कैंप की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं. बच्चों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कक्ष, सांस्कृतिक अभ्यास स्थल और योग प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है. कैंप में बच्चों को केवल कला का प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास जैसे गुण भी सिखाए जायेंगे. उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को इस समर कैंप से जोड़ें, ताकि छुट्टियों का समय सीखने और आत्मविकास में उपयोग हो सके. समर कैंप को सफल बनाने में शिक्षक राजीव कुमार, धर्मवीर कुमार पासवान, बाबुल कुमार, कुंदन कुमार दुबे, नवल किशोर पासवान, प्रियांशु कुमार, अंकित कुमार पाठक, बिक्रम कुमार, सुरेश पंडित, नीतीश कुमार, निधि कुमारी और एकता कुमारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
1 से 15 जून तक भारतीय कला महाविद्यालय में लगेगा निःशुल्क समर कैंप
भारतीय कला महाविद्यालय द्वारा इस वर्ष गर्मी की छुट्टियों को बच्चों के लिए रचनात्मक, शिक्षाप्रद और यादगार बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की गयी है.
