खैरा. फाइलेरिया उन्मूलन अभियान कार्यक्रम की सफलता को लेकर शनिवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ. इस दौरान प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित आनंद ने जानकारी देते बताया कि फाइलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, हाथी पाव से बचने के लिए डीईसी की खुराक लेना आवश्यक है. फालेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मी डीईसी की खुराक अपने प्रसार क्षेत्र में लोगों को खिलाएंगे. साल में एक बार खुराक लेने से फाइलेरिया से बचाव हो सकता है. मौके पर सामुदायिक उत्प्रेरक सोहराब अली, प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे.
फाइलेरिया जानलेवा बीमारी, डीईसी की खुराक लेना जरूरी
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान कार्यक्रम की सफलता को लेकर शनिवार को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ.
