गिद्धौर . प्रखंड अंतर्गत मौरा-निजुआरा बालू घाट पर मानक के विपरीत हो रहे बालू खनन के खिलाफ मौरा गांव के किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अपनी कृषि आजीविका, सिंचाई व्यवस्था, पेयजल संकट और नदी व पटवन पैन के अस्तित्व पर मंडराते खतरे को लेकर सैकड़ों किसान अब बड़े आंदोलन की तैयारी में एकजुट हो रहे हैं. किसानों का कहना है कि मानक के विपरीत नदी में बालू खनन से खेतिहर भूमि भी बंजर होने के कगार पर पहुंच गया है. क्षेत्र के दर्जनों किसानों में अभिमन्यु यादव, सीताराम यादव, नंद कुमार यादव, अर्जुन यादव, पूनम यादव, मोती यादव, विवेकानंद शर्मा, मोहम्मद तैयब अंसारी, आशीष कुमार ठाकुर, रंजन कुमार ठाकुर, विष्णुदेव ठाकुर, राजेंद्र राम, साबिर अंसारी, अलाउद्दीन अंसारी, निजामुद्दीन अंसारी, केशो यादव, श्याम सुंदर यादव समेत अन्य लोगों ने साफ कहा कि बालू माफिया के खिलाफ आंदोलन में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी.
मौरा बालू घाट बंद कराने को लेकर आंदोलन की तैयारी में किसान
प्रखंड अंतर्गत मौरा-निजुआरा बालू घाट पर मानक के विपरीत हो रहे बालू खनन के खिलाफ मौरा गांव के किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
