छठ घाटों पर दिखी श्रद्धा, परंपरा व सामाजिक एकता

उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही मंगलवार को लोक आस्था का महापर्व छठ हर्षोल्लास और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हो गया.

बरहट . उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही मंगलवार को लोक आस्था का महापर्व छठ हर्षोल्लास और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हो गया. सुबह होते ही श्रद्धालु महिलाएं व पुरुष किऊल नदी, आंजन नदी सहित आसपास के जलस्रोतों पर जुटे और पवित्र स्नान के बाद भगवान भास्कर की उपासना में लीन हो गए. जैसे ही पूर्व दिशा में सूर्य की लालिमा दिखाई दी, व्रतियों ने पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उदीयमान सूर्य को अर्घ अर्पित किया. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलाएं जल में खड़ी होकर कष्टियों के रूप में पूजा करती नजर आयीं. मान्यता है कि इस कठिन व्रत से छठ मैया भक्तों के कष्ट हर लेती हैं और उन्हें निरोग जीवन का आशीर्वाद देती हैं. इसके पहले सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया गया था. पर्व के दौरान प्रखंड क्षेत्र के प्रत्येक गांव और घाट पर धार्मिक उल्लास का वातावरण रहा. खास बात यह रही कि साल भर बाहर रहने वाले प्रवासी भी इस पर्व में घर लौटे, जिससे क्षेत्र में मिलनसार माहौल बन गया. कई श्रद्धालुओं ने नदी घाटों पर मुंडन संस्कार भी कराया और वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलकर पुरानी यादों को ताजा किया.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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