गुरुवार को राजकीय बुनियादी विद्यालय नूमर में करीब एक बजे अचानक एक सफेद गाड़ी आकर रुकी. कक्षा में पढ़ाई कर रहे बच्चों की नजरें दरवाजे की ओर उठीं. कुछ ही क्षण बाद बच्चों के सामने जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन थे. लेकिन यह मुलाकात सामान्य निरीक्षण से अलग रही. डीएम सीधे बच्चों के बीच पहुंचे और उनसे शिक्षक की तरह आत्मीयता से बातचीत शुरू कर दी. बच्चों ने भी एक साथ “गुड मॉर्निंग सर” कहकर उनका स्वागत किया.
बच्चों के बीच पहुंचे डीएम, करीब 15 मिनट किया संवाद
जिलाधिकारी ने कक्षा एक से पांच तक के छात्र-छात्राओं से करीब 15 मिनट तक बातचीत की. उन्होंने बच्चों से पूछा कि कक्षा में कौन-सा पाठ चल रहा है, उन्हें कितना समझ में आया और शिक्षक किस तरह पढ़ाते हैं. शुरुआत में बच्चे थोड़ा संकोच करते दिखे, लेकिन डीएम के सहज व्यवहार के बाद उन्होंने खुलकर जवाब देना शुरू किया.
बच्चों के जवाब से परखी पढ़ाई की बुनियादी समझ
बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की बातों को ध्यान से सुना. किसी जवाब के बाद उन्होंने आगे सवाल किया तो किसी बात को समझने के लिए बच्चे से दोबारा पूछा. इस दौरान उनका उद्देश्य केवल पढ़ाई की औपचारिक जांच करना नहीं था, बल्कि यह जानना भी था कि बच्चे वास्तव में विषय को कितना समझ पा रहे हैं.
ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्दों से समझी बच्चों की पकड़
जिलाधिकारी ने बच्चों को पढ़ाने के साथ ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्दों को लेकर भी सवाल किए. उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि बच्चे केवल शब्द पहचान रहे हैं या उनके अर्थ और उपयोग को भी समझते हैं. उन्होंने शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी समझ मजबूत करने और पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया.
रसोईघर पहुंचकर मध्याह्न भोजन की भी ली जानकारी
कक्षा का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी विद्यालय के रसोईघर पहुंचे. वहां उन्होंने रसोइया से मध्याह्न भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और भोजन की गुणवत्ता की जांच की. उन्होंने बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन व्यवस्था को भी निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया.
पानी और कमरों की समस्या पर जल्द समाधान का भरोसा
विद्यालय के शिक्षकों ने जिलाधिकारी के समक्ष पानी की समस्या और बच्चों के लिए कमरों की कमी का मुद्दा भी रखा. डीएम ने दोनों समस्याओं को गंभीरता से सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिया. इससे विद्यालय के शिक्षकों और ग्रामीणों में भी उम्मीद जगी.
बच्चों के चेहरे पर दिखी मुलाकात की खुशी
विद्यालय से निकलने से पहले डीएम का बच्चों के साथ सहज संवाद चर्चा का विषय बना रहा. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों वाला सख्त अंदाज कम और बच्चों की पढ़ाई व सुविधाओं को लेकर संवेदनशीलता अधिक नजर आयी. नन्हे बच्चों ने भी बिना झिझक अपनी बातें उनके सामने रखीं. कुछ देर बाद सफेद गाड़ी विद्यालय से निकल गयी, लेकिन बच्चों के चेहरे पर इस मुलाकात की खुशी देर तक बनी रही.
प्रधानाध्यापक और शिक्षक समेत ग्रामीण रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक चंदन कुमार, सहायक शिक्षक अमित कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे. जिलाधिकारी के इस निरीक्षण से विद्यालय में पढ़ाई, बच्चों की बुनियादी समझ और उनकी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
