जमुई . जिला वासियों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कड़ा कदम उठाया है. सदर अस्पताल परिसर से बिचौलियों (दलालों) के सिंडिकेट को उखाड़ फेंकने के लिए अब 30 होमगार्ड जवानों की तैनाती कर दी गयी है. बताते चलें कि सदर अस्पताल में अक्सर आने वाली बिचौलियों की शिकायतों और मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने गंभीरता दिखायी. उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति की मांग की थी. इस मांग पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गयी है. फिलहाल एक दर्जन होमगार्ड के जवान सदर अस्पताल में प्रतिनियुक्त हुएं हैं, जल्द ही अन्य जवान भी मोर्चा संभालेंगे.
क्यों पड़ी जवानों की जरूरत
सदर अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले भोले-भले मरीजों को अक्सर बिचौलिये बेहतर इलाज या जांच का झांसा देकर निजी क्लिनिकों या जांच केंद्रों पर ले जाते थे. इससे न केवल मरीजों का आर्थिक शोषण होता था, बल्कि अस्पताल की छवि भी धूमिल हो रही थी. प्रतिनियुक्त जवान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें परिसर से बाहर करने का कार्य करेंगे. साथ ही ओपीडी, इमरजेंसी और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लगने वाली भीड़ को व्यवस्थित किया जायेगा. डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के काम करने का सुरक्षित माहौल मिलेगा. इस कदम से जमुई की आम जनता में काफी उत्साह है और लोग इसे अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक ””””मास्टरस्ट्रोक”””” मान रहे हैं.डीएम एसपी ने किया था सदर अस्पताल का निरीक्षण
बीते एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सादे लिबास में देर रात सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. इस दौरान पदाधिकारी द्वय द्वारा पूरे अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया गया था. इसी निरीक्षण के बाद सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पदाधिकारी द्वय के दिशा-निर्देश पर होमगार्ड जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया है.हमारा मुख्य उद्देश्य मरीजों को बिना किसी बाधा और शोषण के सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाना है. होमगार्ड जवानों की तैनाती से अस्पताल परिसर में अनुशासन बढ़ेगा और बिचौलियों की गतिविधियों पर पूरी तरह विराम लगेगा.
