जमुई . बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का आगाज सोमवार से हो गया है. परीक्षा के पहले ही दिन प्रथम पाली में शहर के राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय से भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. कड़े नियमों और समय की पाबंदी के कारण दो परीक्षार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है. परीक्षा केंद्र के बाहर उस वक्त हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जब दो छात्राएं महज कुछ मिनटों की देरी से पहुंची लेकिन केंद्र का गेट बंद देख छात्राओं के होश उड़ गये. उन्होंने गेट पर तैनात कर्मियों और सुरक्षाबलों से अंदर जाने देने की खूब गुहार लगायी. छात्राएं इस कदर हताश थीं कि उन्होंने वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों के पैर तक पकड़ लिये और रोते हुए प्रवेश देने की विनती की. उनका कहना था कि रास्ते में जाम के किसी कारण से थोड़ी देरी हुई है. लेकिन मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन ने बोर्ड के सख्त आदेशों का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया. अधिकारियों का कहना था कि बायोमेट्रिक उपस्थिति और प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद किसी को भी अंदर जाने की अनुमति देना नियमों का उल्लंघन होगा. बताते चलें कि बिहार बोर्ड ने इस वर्ष कदाचार मुक्त और समयबद्ध परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे. नियम के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र के भीतर प्रवेश कर जाना था. सोमवार को जिले के 35 केंद्रों पर जैसे ही तय समय सीमा समाप्त हुई, मुख्य द्वार बंद कर दिए गये.
देर से पहुंचने पर नहीं मिला प्रवेश, रोती रहीं छात्राएं
परीक्षा केंद्र के बाहर उस वक्त हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जब दो छात्राएं महज कुछ मिनटों की देरी से पहुंची लेकिन केंद्र का गेट बंद देख छात्राओं के होश उड़ गये.
