भाजपाइयों ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि मनाई

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58वीं पुण्यतिथि चकाई मंडल के अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष के नेतृत्व में मनाई गयी.

चकाई. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58वीं पुण्यतिथि चकाई मंडल के अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता सह बीस सूत्री उपाध्यक्ष के नेतृत्व में मनाई गयी. जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए मंडल अध्यक्ष ने कहा कि दीनदयाल जी का जन्म 25 सितंबर 1916 को राजस्थान के धनकिया में हुआ था. बचपन में ही उन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया था. इतने कठिन संघर्ष के बावजूद, वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहे और उन्होंने स्वर्ण पदक भी प्राप्त किए. उनका मानना था कि भारत को पश्चिम के ””””पूंजीवाद”””” या ””””समाजवाद”””” की नकल करने के बजाय अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए. भाजपा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष संतु प्रसाद यादव ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय (अब उत्तर प्रदेश में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) में रहस्यमय ढंग से निधन हुआ था. भारतीय राजनीति और दर्शन में उनके योगदान को याद करते हुए, इस दिन को ””””समर्पण दिवस”””” के रूप में भी मनाया जाता है. जेपी सेनानी अंगराज राय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि समाज का वास्तविक विकास तब तक संभव नहीं है जब तक कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक लाभ न पहुंचे. उन्होंने इंसान को केवल एक ””””आर्थिक प्राणी”””” नहीं माना, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का मेल बताया था. मौके पर सरोन मंडल अध्यक्ष नकुल यादव, राजबिहारी शुक्ला, पावरीत राय, अशोक सिन्हा आदि मौजूद थे.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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