वस्त्र व आभूषण निर्माण की बारीकी सीख स्वावलंबी होंगी महिलाएं

एसबीआइ आरसेटी संस्थान में शुक्रवार से 13 दिवसीय कॉस्ट्यूम ज्वैलरी प्रोडक्शन (वस्त्र आभूषण निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.

जमुई. एसबीआइ आरसेटी संस्थान में शुक्रवार से 13 दिवसीय कॉस्ट्यूम ज्वैलरी प्रोडक्शन (वस्त्र आभूषण निर्माण) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. इस कार्यक्रम में जमुई जिले के विभिन्न प्रखंडों से आयी कुल 35 महिलाएं भाग ले रही हैं. कार्यक्रम का उद्देश्य इन महिलाओं को रोजगारपरक कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. प्रशिक्षण के तहत प्रतिभागियों को डिजाइनर चूड़ियां, नेकलेस, मंगलसूत्र और अन्य आकर्षक आभूषण बनाने की कला सिखायी जायेगी. इस क्षेत्र में महिलाओं के बढ़ते रुझान को देखते हुए यह कार्यक्रम खास तौर पर डिजाइन किया गया है ताकि वे अपने हुनर को व्यवसाय में बदल सके और आर्थिक रूप से सशक्त हो सके. कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन एसबीआई आरसेटी के निदेशक उपेन्द्र नाथ लाल दास और अग्रणी बैंक प्रबंधक लक्ष्मी एक्का ने किया. आरसेटी निदेशक ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण आज की आवश्यकता है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगा और उन्हें अपने आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का एक नया रास्ता देगा. उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से महिलाएं न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से समर्थन दे सकेंगी, बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाएंगी. अग्रणी बैंक प्रबंधक लक्ष्मी एक्का ने भी इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं. यदि उन्हें सही दिशा और अवसर मिलें, तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं. कॉस्ट्यूम ज्वैलरी की मांग बाजार में बढ़ रही है, और यह प्रशिक्षण महिलाओं को इस क्षेत्र में सफलता पाने का सशक्त माध्यम है.

प्रशिक्षण में सिखायी जायेगी आभूषणों के निर्माण की बारीकी

इस कार्यक्रम का समायोजन संस्था के संकाय सदस्य मिथिलेश कुमार द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को विभिन्न प्रकार के आभूषणों के निर्माण की बारीकियां सिखायी जायेंगी. साथ ही, उन्हें इन आभूषणों को बाजार में बेचने और अपना व्यवसाय शुरू करने के गुर भी सिखाये जायेंगे. यह प्रशिक्षण न केवल उनके कौशल में सुधार करेगा, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी बनने की प्रेरणा भी देगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रतिभागियों ने इस अवसर पर अपनी उत्सुकता जाहिर की. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सुनहरा अवसर है, जो न केवल उन्हें नई कला सिखाएगा, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में भी मदद करेगा. प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागी ने कहा कि इस तरह का प्रशिक्षण हमारे जैसे ग्रामीण महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इससे हम अपने घर बैठे ही व्यवसाय कर सकते हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकते हैं. कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जो उनके द्वारा सीखे गए कौशल की मान्यता होगी और भविष्य में उन्हें रोजगार के नए अवसर प्रदान करने में मदद करेगा.

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