आसमान से बरसा आग का गोला, सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा

शुक्रवार तक दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की आशंका

जमुई. बढ़ती गर्मी लोग हलकान हो रहे हैं. बुधवार की सुबह से ही भगवान सूर्य आसमान से आग बरसा रहे थे. चिलचिलाती धूप और दस किलोमीटर की रफ्तार से चल रही गर्म हवा के कारण लोग घरों में दुबके रहे. इस कारण बाजार में सन्नाटा पसरा रहा. शाम छह बजे के बाद बाजार में थोड़ी हलचल दिखी. पर उससे भी दुकानदारों के चेहरे पर खुशी नहीं देखी गयी. दिन के दस बजे से शाम पांच बजे तक तापमान में काफी इजाफा देखा गया. लोग धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव में शरण लेने के लिए पहुंच रहे थे. यह आलम कचहरी से लेकर सदर अस्पताल व बाजार में कमोबेश हर जगह दिख जा रहा था. बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 31 डिग्री रहा, लेकिन लोग 51 डिग्री तापमान महसूस कर रहे थे. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार तक दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की आशंका है.

चौक-चौराहे पर नहीं है प्याऊ की व्यवस्था:

प्रचंड धूप में सड़कों पर आवाजाही करने वाले लोगों की सुविधा के लिए शहर के किसी भी चौक-चौराहे सहित बाजार में नगर परिषद द्वारा प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गयी है. प्यास बुझाने के लिए सक्षम लोग बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं. जबकि आम लोग चापाकल की तलाश करते है या फिर दुकानों से पानी लेकर प्यास बुझा रहे हैं. नगर परिषद द्वारा शहर में प्याऊ की व्यवस्था नहीं करने से स्थानीय लोगों में आक्रोश दिख रहा है.

गर्मी को लेकर चिकित्सक कर रहे एडवाइजरी जारी:

तीन-चार दिनों से गर्मी बढ़ गयी है. इसके संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में गर्मी से स्वयं को बचाएं तथा छोटे-छोटे बच्चों को घर के अंदर ही सुरक्षित रखें. उन्हें ताजे और रसीले फलों के साथ अधिकतर मात्रा में तरल पदार्थ दें. किसी बच्चे को अगर बुखार या सर्दी-जुकाम के साथ उल्टी दस्त की समस्या है तो निश्चित ही उसे चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही दवा दें. सदर अस्पताल के फिजिशियन चिकित्सक डॉ अभिषेक गौरव ने बताया कि गर्मी से बचाव तथा इसके प्राथमिक इलाज के लिए सावधानी रखना अति आवश्यक है. धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के गीले कपड़ों का प्रयोग करें. खाली पेट बाहर न निकलें भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें. इसी के साथ रंगीन चश्मा वह छतरी का प्रयोग भी कर सकते हैं. गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पीते रहें. नाक, कान और मुंह को हमेशा गमछे से ढंककर निकलें. धूप में अधिक समय तक खड़े न रहे. बुखार या अन्य प्रकार की कोई परेशानी आती है तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें. उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और तेज धूप में ज्यादा देर तक घर से बाहर रहने पर लू लगने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है. यदि हीट स्ट्रोक का इलाज समय से ना किया जाये तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि कुछ सावधानियां बरतते हुए घर से बाहर निकलें तो हीट स्ट्रोक से काफी हद तक बचा जा सकता है. तेज धूप और लू से बचने के लिए खुद को हाइड्रेट रखें.

सदर अस्पताल में है विशेष व्यवस्था:

सिविल सर्जन डॉ कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया कि हीटवेव को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति लगातार सावधानी बरत रही हैं. इसको लेकर सदर अस्पताल में दस बेड का हीटवेव वार्ड बनाया गया है. इस वार्ड में चिकित्सक समेत आवश्यक जीवन रक्षक दवा उपलब्ध है. सिविल सर्जन ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को हीट स्ट्रोक से सुरक्षित रहने की अपील की है.

लू के प्रकोप से घरों में दुबकने को विवश हैं लोग: गिद्धौर.

शरीर जला देने वाली गर्मी से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थिति यह है कि लोगों को जरूरी कार्यों को लेकर भी घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. इससे बाजार भी प्रभावित होकर रह गया है. दिन के दस बजे के बाद से ही सड़कें सूनी हो जा रही है. मुख्य बाजार में इक्के-दुक्के लोग ही दिख रहे हैं. भीषण गर्मी से जलस्तर में भी गिरावट हो रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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