जमुई . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की कड़ी में रविवार को जमुई नगर के महिसौड़ी में भव्य हिंदू सम्मेलन हुआ. सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. इसके बाद वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, परंपरा व सामाजिक एकता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और आपसी सहयोग व भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं. सम्मेलन के दौरान संघ द्वारा बताए गए पंच परिवर्तन-सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व का भाव, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक कर्तव्य पर विशेष चर्चा की गयी. वक्ताओं ने लोगों से आग्रह किया कि वे इन मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में अपनाकर समाज की उन्नति में योगदान दें. साथ ही युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार करना और लोगों को एक मंच पर लाकर विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है. कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. सम्मेलन में मुख्य रूप से अधिवक्ता सुनील विश्वकर्मा, डॉ एसएन झा, चंद्रकिशोर आर्य, लक्ष्मी साह, शिवम उपाध्याय, विनोद साह, पूजा विश्वकर्मा, अधिवक्ता विवेक सिंह, मुरारी वर्णवाल, अभिषेक राज, अनिल वर्णवाल, जगदीप कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे.
हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक एकता व संस्कृति पर दिया गया जोर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित हो रहे हिंदू सम्मेलनों की कड़ी में रविवार को जमुई नगर के महिसौड़ी में भव्य हिंदू सम्मेलन हुआ.
