लक्ष्मीपुर : सिविल सर्जन डॉ श्याम मोहन दास के निर्देश पर गठित जांच टीम के सदस्यों ने बुधवार को रेफरल अस्पताल लक्ष्मीपुर पहुंचकर जांच-पड़ताल की. बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र के नजारी गांव के दिलीप कुमार तथा साकल गांव के गुरु मांझी के द्वारा अस्पताल कर्मियों पर प्रसव के समय नाजायज राशि लेकर ही कार्य करने की शिकायत की गयी थी. दोनों ने इसे लेकर लिखित आवेदन सिविल सर्जन को देकर उचित कार्रवाई की मांग किया था.
इलाज में लापरवाही बरतने की शिकायत,पहुंची जांच टीम
लक्ष्मीपुर : सिविल सर्जन डॉ श्याम मोहन दास के निर्देश पर गठित जांच टीम के सदस्यों ने बुधवार को रेफरल अस्पताल लक्ष्मीपुर पहुंचकर जांच-पड़ताल की. बताते चलें कि प्रखंड क्षेत्र के नजारी गांव के दिलीप कुमार तथा साकल गांव के गुरु मांझी के द्वारा अस्पताल कर्मियों पर प्रसव के समय नाजायज राशि लेकर ही कार्य […]

शिकायत कर्ता ने बताया कि मैं अपनी पत्नी संजू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर रेफरल अस्पताल लक्ष्मीपुर ले गया था. वहां कार्यरत एएनएम रंजना देवी ने प्रसव कराने को लेकर राशि की मांग की.
मेरे द्वारा इसे लेकर असमर्थता जताने पर उन्होंने इलाज करने से इंकार कर दिया. अपनी पत्नी के उक्त हालत को देख मैं मजबूरन उन्हें एक हजार रुपया दिया और उनके ही कहने पर वहां मौजूद ममता कार्यकर्ता को 150 रुपया दिया. इसके अलावे 850 रुपया का दवा बाहर से लाकर दिया.
दूसरा शिकायतकर्ता गुरु मांझी ने बताया कि मैं अपनी पत्नी पिंकी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर रेफरल अस्पताल लक्ष्मीपुर ले गया तो उस समय ड्यूटी पर तैनात एएनएम रंजना देवी ने जांच कर बतायी कि प्रसव में समय लगेगा. आप पैसा आदि का इंतजाम कर लें. सुबह के आठ बजे के बाद जब रंजना की ड्यूटी समाप्त हो गयी तो उसके बाद दूसरा एएनएम रंजू देवी ड्यूटी पर आ गयी. उसने प्रसव कराने को लेकर 2000 रुपया की मांग की.
मैंने इसकी शिकायत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से किया तो उक्त एएनएम गुस्सा हो गयी और अंत: 1500 रुपया लेकर ही प्रसव करायी. प्रसव के बाद रक्त स्त्राव बंद नहीं होने पर हालात बिगड़ते देख उक्त एएनएम रंजू देवी ने मरीज को सदर अस्पताल जमुई ले जाने को कहा. जब एंबुलेंस की मांग किया तो कहा एंबुलेंस नहीं मिलेगा. मैं अपने मरीज को भाड़ा गाड़ी से जमुई लाया.
सदर अस्पताल पहुंचते ही मेरी पत्नी की मौत हो गयी. जांच करने पहुंचे अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बिजेंद्र सत्यार्थी ने बतलाया कि इसे लेकर सभी बिंदु पर पड़ताल किया गया है जो सिविल सर्जन को दिया जायेगा. जांच टीम में डॉ सत्यार्थी के अलावे उपाध्यक्ष सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी संचारी रोग डॉ रामानंद प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अंजनी कुमार सिन्हा शामिल थे.