जमुई/मुंगेर : मुई लोस में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया. सुबह में वोटिंग की गति धीमी रही, लेकिन धीरे-धीरे वोटिंग का प्रतिशत बढ़ता गया. सुबह 11 बजे जहां 19 प्रतिशत वोटिंग हो पायी थी, वहीं शाम चार बजे यह 58.1 फीसदी पर पहुंच गयी. वैसे सुबह से ही मतदाता बूथ पर पहुंचने लगे थे. हालांकि, इवीएम में गड़बड़ी के कारण लगभग दो दर्जन बूथों पर मतदान शुरू होने में विलंब हुआ. कुछ जगहों पर इवीएम ठीक की गयी, तो कुछ जगहों पर दूसरी इवीएम लगाने के बाद मतदान शुरू हआ.
जमुई जिले की चार विस सीटों में चार बूथों पर ग्रामीणों ने वोट बहिष्कार किया. जमुई लोकसभा सीट के हवेलीखड़गपुर (जिला मुंगेर) में दो बूथों पर चुनाव का बहिष्कार हुआ. बूथ बहिष्कार की सूचना पर पहुंचे वरीय अधिकारियों ने समझाने-बुझाने की भी कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने. कमिश्नर, डीआइजी, डीएम, एसपी सहित पर्यवेक्षक की गाड़ियां दिन-भर सड़क पर दौड़ती रहीं. बाद में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के मनाने के बाद जमुई के एक व हवेलीखड़गपुर के दोनों बूथों पर वोटर आये और वोटिंग की
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कई मतदान केंद्रों पर वीरानगी भी
तारापुर विधानसभा (मुंगेर जिला) के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह से ही मतदाता वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचने लगे, लेकिन दोपहर तक अधिकतर बूथों पर वीरानगी दिखाई देने लगी. खड़गपुर के नक्सल प्रभावित कई मतदान केंद्रों पर मतदान प्रतिशत काफी कम रहा. बासुदेवपुर गांव के लोगों ने मतदान केंद्र मध्य विद्यालय बनारा राय टोला में पहले मतदान का बहिष्कार किया किंतु प्रशासनिक पहल के बाद 11:00 बजे यहां मतदान शुरू हुआ.
घुड़सवार दस्ते भी थे तैनात
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था थी. हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर भी मंगाया गया था. इसके अलावा घुड़सवार दस्ता को भी लगाया गया था. बरहट प्रखंड के कुकुरझप डैम से पुलिस ने नक्सलियों के मतदान बहिष्कार का बैनर जब्त किया. ग्रामीणों ने तीन बूथों पर वोट बहिष्कार किया. चकाई के बूथ संख्या 257 जलखरिया के ग्रामीण सड़क की मांग कर रहे थे, जबकि सिकंदरा विस के मतदान केंद्र संख्या 129 व 130 उत्क्रमित मवि कर्मा में छिल्का की मांग को लेकर वोट बहिष्कार किया. सिकंदरा के बूथ संख्या 232 पर सड़क निर्माण की मांग पर वोट बहिष्कार हुआ.
