गब्बर की पिटाई से मुन्ना हत्या की याद हुई ताजा

जमुई : पुलिस लॉकअप में कैदी की बेरहमी से पिटाई का मामला इस जिले में नया नहीं है. इससे पहले भी सदर थाना में अपहरण और हत्याकांड मामले में गिरफ्तार कैदी मुन्ना सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर बेरहमी से पिटाई कर दी गयी थी. जिसके बाद उसकी मौत हो गयी थी. इस घटना के […]

जमुई : पुलिस लॉकअप में कैदी की बेरहमी से पिटाई का मामला इस जिले में नया नहीं है. इससे पहले भी सदर थाना में अपहरण और हत्याकांड मामले में गिरफ्तार कैदी मुन्ना सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर बेरहमी से पिटाई कर दी गयी थी. जिसके बाद उसकी मौत हो गयी थी.
इस घटना के 6 वर्ष बाद गब्बर खान के साथ इसी तरह की घटना की पुनरावृत्ति ने मुन्ना सिंह हत्याकांड की याद ताजा कर दी है. बताते चलें कि जून 2013 को बैकुंठ वर्णवाल अपहरणकांड में पुलिस ने मुन्ना सिंह को गिरफ्तार किया था.
पुलिसिया पूछताछ के दौरान मारपीट के बाद उसकी स्थिति गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था. पटना में इलाज के दौरान 30 जून 2013 को मुन्ना सिंह ने दम तोड़ दिया था.इसके पूर्व मुन्ना सिंह ने जमुई के तत्कालीन पदाधिकारी, उनके तीन बॉडीगार्ड सहित गिद्धौर थानाध्यक्ष सत्यव्रत भारती, जमुई थानाध्यक्ष जीतेंद्र कुमार पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया था.
मुन्ना सिंह की मौत के बाद पुलिस ने टाउन थाना में एक जुलाई 2013 को प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें जितेंद्र कुमार, सत्यव्रत भारती को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. वर्तमान में दोनों अधिकारी जेल में हैं. इस घटना के छह साल गुजरने के बाद अभी भी मुन्ना सिंह के परिजन न्याय के लिए अदालत के चक्कर काट रहे हैं.

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