अब मां से पीठ दर्द की शिकायत नहीं करेंगे नौनिहाल, नये सत्र से बस्ता का वजन होगा कम

जमुई : नये सत्र से स्कूली बच्चे के बैग का वजन कम होगा, इसे लेकर विभाग के द्वारा पहल तेज कर दिया गया है. इस बाबत जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार हिमांशु ने बताया कि इसे लेकर विभाग के द्वारा साफ निर्देश दिया गया है. जिसमें सभी सरकारी एवं निजी स्कूल के […]

जमुई : नये सत्र से स्कूली बच्चे के बैग का वजन कम होगा, इसे लेकर विभाग के द्वारा पहल तेज कर दिया गया है. इस बाबत जानकारी देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार हिमांशु ने बताया कि इसे लेकर विभाग के द्वारा साफ निर्देश दिया गया है.
जिसमें सभी सरकारी एवं निजी स्कूल के बच्चे के बैग का वजन कम करने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि बच्चे के स्वास्थ्य को देखते विभाग के द्वारा प्रथम, द्वितीय कक्षा के छात्रों को होमवर्क नहीं दिये जाने और निर्धारित वजन के बाबत ही छात्रों को किताब उपलब्ध करवाने का निर्देश दिया है.
विभाग के द्वारा बताया गया है कि किताब के अधिक वजन से बच्चे के सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव होता है. निजी विद्यालय के संचालक अपने स्वार्थ से वशीभूत होकर बच्चे के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं. जिसे देखते हुए विभाग के द्वारा इस तरह का निर्देश जारी किया गया है.
वर्तमान में कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों को इस व्यवस्था के दायरे में लाया गया है. डीइओ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में प्रारंभिक विद्यालयों की संख्या करीब 1664 है. जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के करीब 3 लाख 92 हजार छात्र अध्ययनरत हैं. विभाग के पास 72 निजी विद्यालय का भी पंजीयन प्राप्त है और 146 उच्च विद्यालय का भी संचालन किया रहा है.
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर शिक्षा विभाग ने शुरू की है पहल : डीइओ
इस बाबत पूछे जाने पर डा.धीरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि स्कूली बैग का वजन अधिक होने से छात्र के आंख, कमर और गर्दन पर असर पड़ता है. धीरे धीरे बच्चों का भौतिक कार्य कम होने लगता है. उन्होंने बताया कि कमर और गर्दन की हड्डी मैं एक बार गड़बड़ी हो जाता है. तो पूरे जीवन काल में परेशान करता है.

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